कश्मीर में आतंक का खूनी वार: कुलगाम में छत्तीसगढ़ के दो श्रमिकों की हत्या, TRF ने ली जिम्मेदारी
श्रीनगर/रायपुर, 1 अगस्त। दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले के केल्लाम (केलम) इलाके में आतंकियों ने एक बार फिर प्रवासी श्रमिकों को निशाना बनाते हुए कायराना हमला किया। इस हमले में छत्तीसगढ़ के दो श्रमिकों की मौत हो गई। पहले हमले में गंभीर रूप से घायल हुए बलौदाबाजार निवासी 28 वर्षीय भूपेंद्र ने शनिवार को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इससे पहले 24 वर्षीय दीपक रात्रे, निवासी छत्तीसगढ़, की मौके पर ही मौत हो गई थी। इस घटना के बाद पूरे छत्तीसगढ़ में शोक और आक्रोश का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार देर शाम करीब 8:30 बजे कुलगाम के केल्लाम इलाके में आतंकियों ने वहां कार्यरत प्रवासी मजदूरों पर अचानक अंधाधुंध फायरिंग कर दी। गोलियों की चपेट में आने से दीपक रात्रे की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि भूपेंद्र गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) अस्पताल, अनंतनाग में भर्ती कराया गया, लेकिन चिकित्सकों के तमाम प्रयासों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
इस हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आतंकी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने ली है। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, आतंकी लंबे समय से घाटी में प्रवासी श्रमिकों और गैर-स्थानीय लोगों को निशाना बनाने की साजिश रच रहे थे। वर्ष 2021-22 में भी ऐसे कई हमलों में प्रवासी मजदूरों की हत्या की गई थी। ताजा हमला उसी रणनीति की पुनरावृत्ति माना जा रहा है।
घटना के तुरंत बाद भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर व्यापक तलाशी अभियान शुरू कर दिया। ड्रोन, डॉग स्क्वॉड और खुफिया एजेंसियों की मदद से आतंकियों की तलाश की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि हमलावरों को जल्द पकड़ने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा और पूरे क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
घटना पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि, "कश्मीर के कुलगाम में हुए कायराना आतंकी हमले में छत्तीसगढ़ के दो श्रमिकों की दुखद मृत्यु अत्यंत पीड़ादायक है। छत्तीसगढ़ सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है। दिवंगत श्रमिकों को विनम्र श्रद्धांजलि एवं शोकाकुल परिजनों के प्रति गहरी संवेदनाएं।"
छत्तीसगढ़ शासन ने भी इस पूरे मामले पर नजर बनाए रखी है। राज्य सरकार जम्मू-कश्मीर प्रशासन के लगातार संपर्क में है और दोनों मृतकों के पार्थिव शरीर को उनके गृह जिले तक पहुंचाने तथा पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पर काम कर रही है।
कुलगाम का यह आतंकी हमला एक बार फिर यह साबित करता है कि आतंकवादी संगठन घाटी में शांति और सामान्य जनजीवन को बाधित करने के लिए निर्दोष नागरिकों और प्रवासी श्रमिकों को निशाना बना रहे हैं। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है और आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।
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