कश्मीर में आतंक का कहर: छत्तीसगढ़ के दीपक की गोली मारकर हत्या, साथी जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा
श्रीनगर/रायपुर। जम्मू-कश्मीर के दक्षिण कश्मीर स्थित कुलगाम जिले के केल्लाम इलाके में आतंकियों ने शुक्रवार शाम गैर-स्थानीय मजदूरों को निशाना बनाते हुए अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इस कायराना आतंकी हमले में छत्तीसगढ़ के निवासी दीपक की मौत हो गई, जबकि उसका साथी भोपिंदर गंभीर रूप से घायल हो गया है। घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है तथा आतंकियों की तलाश में बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार रात करीब 8:30 बजे केल्लाम क्षेत्र में मौजूद दो गैर-कश्मीरी मजदूरों पर आतंकियों ने अचानक हमला कर दिया। आतंकियों ने दोनों मजदूरों को निशाना बनाकर कई राउंड गोलियां चलाईं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि इलाके में तीन से चार राउंड फायरिंग की आवाज सुनाई दी, जिससे क्षेत्र में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया।
गोली लगने से घायल दोनों मजदूरों को तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। चिकित्सकों ने दीपक को बचाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। दीपक की मौत की खबर से उसके परिवार और छत्तीसगढ़ में शोक की लहर फैल गई है। रोजी-रोटी की तलाश में अपने घर से दूर कश्मीर पहुंचे दीपक की आतंकियों की गोली से हुई मौत ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है।
वहीं, घायल भोपिंदर की हालत गंभीर बनी हुई है। बेहतर उपचार के लिए उसे सरकारी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) अनंतनाग रेफर किया गया है, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उसका इलाज जारी है। अस्पताल प्रशासन उसके स्वास्थ्य पर लगातार नजर बनाए हुए है।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस, सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी। सुरक्षा बलों ने आतंकियों की तलाश में व्यापक तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में भी सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियां हमले में शामिल आतंकियों की पहचान करने और उनके संभावित ठिकानों का पता लगाने में जुटी हुई हैं।
फिलहाल किसी भी आतंकी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियां इस घटना को गंभीरता से लेते हुए सभी पहलुओं से जांच कर रही हैं। प्रशासन ने स्थानीय नागरिकों से शांति बनाए रखने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल सुरक्षा बलों को देने की अपील की है।
गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में गैर-स्थानीय मजदूरों और आम नागरिकों को निशाना बनाकर आतंक फैलाने की घटनाएं समय-समय पर सामने आती रही हैं। आतंकियों द्वारा निर्दोष मजदूरों को निशाना बनाना उनकी कायर मानसिकता को दर्शाता है। यह हमला केवल दो मजदूरों पर नहीं, बल्कि देश की एकता और भाईचारे पर भी हमला माना जा रहा है।
कश्मीर में हुए इस आतंकी हमले ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था और आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई की आवश्यकता को रेखांकित किया है। पूरे देश को अब सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई का इंतजार है और उम्मीद की जा रही है कि इस जघन्य वारदात में शामिल आतंकियों को जल्द ही उनके अंजाम तक पहुंचाया जाएगा।
देश और दुनिया की हर बड़ी खबर का तुरंत अपडेट पाने के लिए नोटिफिकेशन ऑन करें।