अतिथि व्याख्यान “केमिस्ट्री @100” सेंट थॉमस कॉलेज, भिलाई में संपन्न

अतिथि व्याख्यान “केमिस्ट्री @100” सेंट थॉमस कॉलेज, भिलाई में संपन्न

रसायन विज्ञान विभाग, सेंट थॉमस कॉलेज, भिलाई द्वारा ‘एसोसिएशन ऑफ केमिकल एंड एनवायरनमेंटल साइंस’ के अंतर्गत “केमिस्ट्री @100: ए सेंचुरी ऑफ इनोवेशन एंड डिस्कवरी” विषय पर एक अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में प्रो. (डा.) प्रणब घोष, माननीय कुलपति, दक्षिण दिनाजपुर विश्वविद्यालय मुख्य वक्ता एवं संसाधन व्यक्ति के रूप में उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में डा. संतोष कुमार सर, डीन, फैकल्टी ऑफ केमिकल एंड बायोटेक्नोलॉजी इंजीनियरिंग, सीएसवीटीयू, भिलाई उपस्थित थे।
अपने प्रेरणादायक संबोधन में डा. घोष ने पर्यावरणीय एवं औद्योगिक प्रदूषण को कम करने के लिए सतत वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाने के महत्व पर बल दिया। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे जैव ईंधन (बायोफ्यूल) तथा अन्य पर्यावरण-अनुकूल विकल्पों के उपयोग की दिशा में कार्य करें, ताकि स्वच्छ और हरित भविष्य का निर्माण हो सके। डा. घोष ने रसायन विज्ञान के विकास की प्रक्रिया पर प्रकाश डालते हुए बताया कि प्राचीन काल में लोग औषधीय उपयोगों के लिए पौधों एवं प्राकृतिक पदार्थों का प्रयोग करते थे, किन्तु उस समय वैज्ञानिक प्रमाणों का अभाव था। उन्होंने आज के शोधकर्ताओं को प्रेरित किया कि वे पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक विज्ञान से जोड़ें, यह कहते हुए कि – “हमारी अधिकांश आवश्यकताएँ प्रकृति से प्राप्त हो सकती हैं, हमें केवल उसके पीछे का विज्ञान जोड़ना है।”


कार्यक्रम का संचालन रेव. फादर डॉ. पी. एस. वर्गीज़ (प्रशासक), डॉ. शाइनी मेंडोंस (प्राचार्य), डॉ. जेम्स मैथ्यू (उप-प्राचार्य एवं विभागाध्यक्ष, रसायन विज्ञान विभाग) तथा डॉ. देबजानी मुखर्जी (डीन अकैडमिक्स) के मार्गदर्शन में हुआ। इस कार्यक्रम में विभाग के शिक्षकों — डॉ. चंदा वर्मा, डॉ. अरविंद कुमार साहू, सुश्री रिया दत्ता शर्मा तथा श्री अनिल वर्गीज़ — का सक्रिय सहयोग रहा।
इस व्याख्यान ने विद्यार्थियों को रसायन विज्ञान के सौ वर्षों के विकास की गहन समझ प्रदान की और उन्हें सततता एवं नवाचार की दिशा में कार्य करने के लिए प्रेरित किया।