"परीक्षा घोटालों पर कांग्रेस का हल्ला बोल: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग, छात्रों पर दर्ज एफआईआर वापस लेने की चेतावनी"
भिलाई। देशभर में राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में सामने आ रही अनियमितताओं और परीक्षा प्रणाली की कथित विफलताओं को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर गुरुवार को ब्लॉक कांग्रेस कमेटी सुपेला-कोसा नगर द्वारा भिलाई में विशाल विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग करते हुए केंद्र सरकार पर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया।
जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर एवं ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष नरसिंह नाथ के तत्वावधान में आयोजित इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं, युवाओं, छात्रों और स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया।
प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई और परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई गई।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर ने अपने संबोधन में कहा कि देश के लाखों छात्र वर्षों तक कठिन परिश्रम कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन बार-बार परीक्षा प्रणाली में सामने आ रही गड़बड़ियों ने युवाओं का भरोसा तोड़ दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की विफलताओं का खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक परीक्षा का मामला नहीं, बल्कि करोड़ों युवाओं के भविष्य और देश की शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता से जुड़ा विषय है। कांग्रेस युवाओं के हितों की रक्षा के लिए सड़क से लेकर संसद तक संघर्ष करती रहेगी।
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष नरसिंह नाथ ने कहा कि यदि परीक्षा प्रणाली में इतनी बड़ी खामियां सामने आई हैं, तो इसकी नैतिक जिम्मेदारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को लेते हुए तत्काल इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को संसद के चालू सत्र में इस गंभीर विषय पर विशेष चर्चा कर देश के छात्रों को जवाब देना चाहिए। युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दे पर सरकार की चुप्पी दुर्भाग्यपूर्ण है।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने नई दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों में परीक्षा अनियमितताओं के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर दर्ज एफआईआर और आपराधिक मामलों की भी कड़ी आलोचना की। नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले छात्रों के खिलाफ पुलिसिया कार्रवाई लोकतंत्र की भावना के विपरीत है। कांग्रेस ने मांग की कि छात्रों और आंदोलनकारियों पर दर्ज सभी मामले बिना किसी शर्त के तत्काल वापस लिए जाएं।
कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि छात्रों की आवाज को दबाने का प्रयास जारी रहा और उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया, तो पार्टी देशव्यापी आंदोलन को और अधिक व्यापक एवं उग्र रूप देने के लिए बाध्य होगी।
विरोध प्रदर्शन के समापन पर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें तीन प्रमुख मांगें शामिल हैं—
* केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तत्काल इस्तीफा अथवा पद से बर्खास्तगी।
* राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में हुई अनियमितताओं और परीक्षा प्रणाली की विफलताओं पर संसद के चालू सत्र में विशेष चर्चा।
* शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों एवं आंदोलनकारियों पर दर्ज सभी एफआईआर और आपराधिक मामलों को बिना शर्त वापस लिया जाए।
इस अवसर पर गिरवर बंटी साहू, संदीप निरंकारी, केशव चौबे, आदित्य सिंह, चंद्रशेखर गवई, गिरी राव, मोहम्मद रफीक, फारुख खान, शिव साहू, संजीव अर्नाल्ड, अली हुसैन सिद्दीकी, प्रभाकर जनबंधु, उमाशंकर साहू, अमित जैन, शोएब मोहम्मद खान, लादूराम सिन्हा, राजेश यादव, राजकुमार चौधरी, अमित सिंह, किशन यादव, पिंकी वर्मा, जागेश्वरी साहू, बंटू शर्मा, वासु पांडे, दानवीर देवांगन, अमर साहू, दीपक भाटिया, नरेंद्र पिपरोल, दुर्गा साहू, भीमान दास, सुशील साहू, कन्हैया चूरहे, अंजलि भवते, मनीष शुक्ला, दिनेश वासनिक, गोविंद कोसले, विष्णु बारले, शशिकांत साहू, आजाद अली अंसारी, संदीप कुमार, प्रमोद यादव, बेलाराम साहू, सूयश साहू और परमानंद चंदेल सहित कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई के पदाधिकारियों, निगम पार्षदों तथा क्षेत्र के सैकड़ों नागरिकों और छात्रों ने भी भागीदारी निभाई। प्रदर्शन के अंत में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने छात्रों को न्याय मिलने तक अपना आंदोलन जारी रखने का संकल्प लिया।








