Sonam Wangchuk Hunger Strike Ends Reason: 26 दिन तक भूख हड़ताल पर रहने के बाद सोनम वांगचुक ने अपना अनशन खत्म कर दिया. खास बात यह रही कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पूरी हुए बिना ही उन्होंने यह फैसला लिया. अब सवाल है कि आखिर उन्होंने अपना अनशन क्यों तोड़ा? क्या सरकार ने उनकी बात मान ली? सोनम वांगचुक ने बताया कि सरकार के साथ लंबी बातचीत, देश में संभावित हिंसा की आशंका और पीएम मोदी के पेपर लीक पर सख्त कानून लाने के वादे के बाद उन्होंने अनशन तोड़ा. हालांकि, सरकार और उनके बीच किन शर्तों पर सहमति बनी, इसका खुलासा अभी बाकी है।
Sonam Wangchuk Hunger Strike Ends:: सीजेपी प्रोटेस्ट के बीच सोनम वांगचुक ने अपना अनशन तोड़ दिया. सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने 26 दिनों की भूख हड़ताल खत्म कर दी. केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में सोनम वांगचुक ने गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में जूस पीकर अनशन तोड़ा. सोनम वांगचुक पहले धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांग रहे थे, मगर अब उन्होंने बिना इस्तीफे के ही अनशन खत्म कर दिया. अब इसके बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर उन्होंने अनशन क्यों खत्म किया? क्या सरकार उनकी सभी मांगें मान गई? क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऐलान ने उनका भरोसा जीता? या फिर कोई और वजह थी? चलिए समझते हैं.
दरअसल, गुरुवार रात केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह मेदांता अस्पताल पहुंचे. दोनों नेताओं ने सोनम वांगचुक से लंबी बातचीत की. इसके बाद सोनम वांगचुक अनशन खत्म करने के लिए तैयार हो गए. सोनम वांगचुक ने 28 जून को भूख हड़ताल शुरू की थी. उनका कहना था कि नीट पेपर लीक मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा होना चाहिए. साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने के लिए मजबूत कानून बनाया जाए. उनका आंदोलन धीरे-धीरे देशभर में चर्चा का विषय बन गया. सीजेपी प्रोटेस्ट देशभर में फैल गया. आज कॉकरोच जनता पार्टी का देशव्यापी प्रदर्शन है. सोनम वांगचुक ने भले ही अनशन खत्म कर दिया, मगर सीजेपी वाले प्रदर्शनकारी अब भी धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़े हैं.
सोनम वांगचुक ने अनशन क्यों तोड़ा? इसकी वजह उन्होंने खुद भी बताई है. सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया है कि कैसे वह अनशन खत्म करने को तैयार हुए. उनकी और सरकार के बीच क्या बात हुई. किन शर्तों पर उन्होंने भूख हड़ताल खत्म की और किस बात का उन्हें डर सता रहा था. जी हां, सोनम वांगचुक ने कहा, ‘अभी-अभी केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, डॉ. जितेंद्र सिंह और लेह-लद्दाख की सर्वोच्च समिति के वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में मैंने 26 दिनों के बाद अपना अनशन तोड़ा. इससे पहले विभिन्न राजनीतिक दलों के 65 सांसदों ने मुझसे मुलाकात की थी या पत्र लिखकर मुझसे अनशन तोड़ने का आग्रह किया था. यह देश में संभावित हिंसा को देखते हुए और विभिन्न शर्तों पर लंबी बातचीत के बाद किया गया. मैं जल्द ही एक अलग वीडियो में इन शर्तों का विस्तार से वर्णन करूंगा. इस बीच मैं आप सभी से आग्रह करता हूं कि किसी भी प्रकार की हिंसा को रोकने के लिए पूरी तरह सतर्क रहें.’
सोनम वांगचुक और सरकार के बीच क्या बात हुई?
इसका मतलब है कि सोनम वांगचुक और सरकार के बीच किन-किन शर्तों पर बात हुई है, इसकी डिटेल सामने नहीं आई है. शायद सोनम वांगचुक बहुत जल्द इसकी डिटेल शेयर करेंगे. गौरतलब है कि सोनम वांगचुक बीते दिनों मेदांता अस्पताल में भर्ती हुए थे. अनशन के दौरान उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती जा रही थी. पहले उन्हें दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया. बाद में दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देश पर उन्हें गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल ले जाया गया. डॉक्टर लगातार उनकी निगरानी कर रहे थे.
सोनम को किस बात का डर सता रहा था?
वैसे अनशन तोड़ने के पीछे एक और वजह है. जी हां, सोनम को वांगचुक को एक बात का डर भी सता रहा था. सोनम वांगचुक को देश में हिंसा बढ़ने की आशंका थी. वह नहीं चाहते थे कि उनके आंदोलन के कारण कहीं तनाव पैदा हो. इसलिए उन्होंने अपने समर्थकों से भी शांति बनाए रखने की अपील की. उन्होंने साफ कहा कि कहीं भी हिंसा नहीं होनी चाहिए.
सोनम वांगचुक से 2 राउंड की मुलाकात
सोनम वांगचुक धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की जिद पर अड़े थे. इसके चलते ही वह अनशन खत्म नहीं कर रहे थे. सरकार उन्हें मनाने की कोशिश में लगी थी. जैसे ही उनकी तबीयत थोड़ी खराब हुई, सरकार ने बातचीत का चैनल एक्टिव कर दिया. मेदांता अस्पताल में शिफ्ट होने के बाद तुरंत मोदी सरकार के दो बड़े चेहरे सोनम वांगचुक से मिलने पहुंचे.
जी हां, मंगलवार को पहले राउंड की बातचीत के लिए जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह सोनम वांगचुक से मिलने पहुंचे. मेदांता में मुलाकात हुई और बात हुई. सरकार ने संसद में चर्चा का भरोसा दिलाया. मगर तब भी सोनम ने अनशन नहीं तोड़ा.
हालांकि, उनके रुख नरम हुए. पहले जो धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़े थे, अब प्रदर्शनकारियों के खिलाफ एक्शन पर ही मानते दिखे.
इसके बाद बारी आई सेकेंड राउंड की बातचीत की. जी हां, गुरुवार को एक बार फिर सोनम वांगचुक को मनाने के लिए जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह पहुंचे.
उन्होंने सरकार की तरफ से भरोसा दिलाया कि पेपर लीक मामले में न्याय होगा. दोषियों को सजा मिलेगी. संसद में चर्चा होगी. पेपर लीक पर कानून बनेगा. सीजेपी से बातचीत होगी.
तब जाकर सोनम वांगचुक ने आधी रात को अपना अनशन खत्म करने का फैसला लिया. खुद जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने अपने हाथों से जूस पिलाकर सोनम वांगचुक का अनशन तुड़वाया.
PM मोदी के किस वादे पर भरोसा?
वैसे सोनम वांगचुक के अनशन खत्म करने के पीछे पीएम मोदी का बयान भी अहम है. जी हां, सोनम के अनशन खत्म करने से कुछ घंटे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो संदेश जारी किया. पीएम मोदी ने सोनम वांगचुक को डायरेक्ट संबोधित किया. उनके स्वस्थ रहने की कामना की. उन्हें अनशन खत्म करने की अपील की. इतना ही नहीं, पीएम मोदी ने कहा कि पेपर लीक रोकने के लिए सरकार सख्त कानून लाएगी. इसमें फास्ट ट्रैक कोर्ट का प्रावधान होगा. दोषियों को कड़ी सजा भी मिलेगी. इस मसौदे पर कैबिनेट में चर्चा होगी. इसके बाद इसे संसद में लाया जाएगा. पीएम मोदी की इसी घोषणा को पूरे घटनाक्रम का अहम मोड़ माना जा रहा है. इसके बाद ही सरकार और वांगचुक के बीच बातचीत तेज हुई. फिर देर रात अनशन खत्म हो गया.
सांसदों ने भी की थी अपील
इतना ही नहीं, सोनम वांगचुक ने बताया कि अलग-अलग दलों के 65 सांसदों ने उनसे मुलाकात की थी. कई सांसदों ने पत्र लिखकर भी अनशन खत्म करने की अपील की थी. इससे भी बातचीत का माहौल बना.
क्या सभी मांगें मान ली गईं?
इस सवाल का जवाब अभी नहीं है. सोनम वांगचुक ने साफ कहा कि बातचीत कुछ शर्तों पर हुई है. लेकिन वे शर्तें क्या हैं, इसका खुलासा अभी नहीं किया गया है. उन्होंने कहा कि जल्द एक वीडियो जारी करेंगे. उसमें पूरी जानकारी देंगे
अब आगे क्या होगा?
अब सबकी नजर केंद्र सरकार और सीजेपी पर है. भले ही सोनम वांगचुक ने अपना अनशन खत्म कर दिया, मगर सीजेपी ने अब तक आंदोलन खत्म नहीं किया है. सीजेपी का कहना है कि उनका प्रदर्शन जारी रहेगा. वह धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक नहीं रुकेंगे. वैसे आज का दिन काफी अहम है. आज सरकार और सीजेपी के बीच न्यूट्रल वेन्यू पर बातचीत हो सकती है. दूसरी ओर आज कैबिनेट की बैठक भी है. अगर कैबिनेट सख्त कानून को मंजूरी देती है तो सरकार अगले हफ्ते संसद में बिल ला सकती है. वहीं, लोगों को सोनम वांगचुक के उस वीडियो का भी इंतजार है, जिसमें वह पर्दे के पीछे हुई पूरी बातचीत और तय हुई शर्तों का खुलासा करेंगे.








