दुर्ग पुलिस में बड़ा फेरबदल: कई थाना प्रभारियों के तबादले, एसएसपी ने जारी किए आदेश
दुर्ग। जिले की पुलिस व्यवस्था को और अधिक चुस्त-दुरुस्त एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) विजय अग्रवाल ने पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। जारी आदेश के तहत निरीक्षक, उप निरीक्षक और सहायक उप निरीक्षक स्तर के अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इस बदलाव को जिले में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
एसएसपी कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार, रक्षित केंद्र दुर्ग में पदस्थ निरीक्षक राकेश खुटेश्वर को थाना प्रभारी जामुल नियुक्त किया गया है। वहीं निरीक्षक हूबलाल चंद्राकर को रक्षित केंद्र से स्थानांतरित कर थाना प्रभारी रानीतराई की जिम्मेदारी दी गई है। दोनों अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से अपने-अपने नए पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।
उप निरीक्षक स्तर पर भी महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। उप निरीक्षक कमल सिंह सेंगर को थाना रानीतराई से स्थानांतरित कर थाना खुर्सीपार भेजा गया है। इसी तरह उप निरीक्षक वेदराम चंद्रवंशी को थाना पुलगांव से थाना धमधा की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उप निरीक्षक प्रमोद सिन्हा, जो अब तक थाना धमधा में पदस्थ थे, उन्हें थाना पुरानी भिलाई में नई जिम्मेदारी दी गई है। वहीं सहायक उप निरीक्षक अश्वनी सिंह को थाना धमधा से स्थानांतरित कर थाना पुलगांव भेजा गया है।
पुलिस विभाग की ओर से स्पष्ट किया गया है कि यह स्थानांतरण आगामी आदेश तक अस्थायी रूप से प्रशासनिक कारणों से किए गए हैं। आदेश की प्रतिलिपि पुलिस महानिरीक्षक, दुर्ग रेंज, जिले के सभी राजपत्रित अधिकारियों, रक्षित निरीक्षक पुलिस लाइन दुर्ग, नियंत्रण कक्ष भिलाई तथा संबंधित थाना प्रभारियों को आवश्यक कार्रवाई एवं सूचना के लिए भेजी गई है।
गौरतलब है कि पुलिस विभाग समय-समय पर प्रशासनिक जरूरतों, कानून व्यवस्था की स्थिति तथा कार्य संचालन में सुधार के उद्देश्य से अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव करता रहता है। दुर्ग जिले में किए गए इस फेरबदल से पुलिस व्यवस्था में नई ऊर्जा आने की उम्मीद जताई जा रही है।
नए पदस्थापित अधिकारियों के सामने अपने-अपने क्षेत्रों में अपराध नियंत्रण, कानून व्यवस्था बनाए रखने और आम नागरिकों की शिकायतों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने की बड़ी जिम्मेदारी होगी। साथ ही, उनसे पुलिस और जनता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की भी अपेक्षा की जा रही है।
दुर्ग पुलिस प्रशासन का मानना है कि इस तरह के प्रशासनिक बदलाव न केवल कार्यकुशलता को बढ़ाते हैं, बल्कि पुलिसिंग को अधिक जवाबदेह और जनोन्मुखी बनाने में भी सहायक सिद्ध होते हैं। आने वाले दिनों में प्रशासनिक आवश्यकताओं के अनुरूप अन्य अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में भी परिवर्तन किए जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।








