एक जमीन, कई खरीदार! फर्जी दस्तावेजों के सहारे दंपती ने ठगे लाखों, पुलिस कर रही तलाश
दुर्ग। जिले के पुलगांव थाना क्षेत्र में जमीन की खरीद-बिक्री के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि एक दंपती ने फर्जी ऋण पुस्तिका तैयार कर ग्राम अंजोरा स्थित एक ही जमीन का कई लोगों के साथ सौदा कर उनसे अग्रिम राशि के रूप में लाखों रुपये वसूल लिए। शिकायत के बाद पुलगांव पुलिस ने आरोपी दंपती के खिलाफ अपराध दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, डिपरापारा निवासी अजय चंद्राकर ने शिकायत दर्ज कराई है कि उन्हें हितेश देशमुख के माध्यम से ग्राम अंजोरा स्थित एक भूखंड के बारे में जानकारी मिली थी। उक्त जमीन नेहा देशमुख के नाम पर दर्ज होना बताया गया था। जमीन देखने के लिए अजय चंद्राकर, हितेश देशमुख के साथ अंजोरा पहुंचे, जहां उनकी मुलाकात नोकेश देशमुख से हुई। नोकेश ने उन्हें खसरा नंबर 615/10, रकबा 0.0115 हेक्टेयर (करीब 1240 वर्गफुट) स्थित प्लॉट नंबर-8 दिखाया।
जमीन पसंद आने के बाद दोनों पक्षों के बीच तीन लाख रुपये में सौदा तय हुआ। 27 फरवरी 2026 को इकरारनामा तैयार किया गया और अजय चंद्राकर ने दो लाख रुपये का सेल्फ चेक अग्रिम भुगतान के रूप में दिया। शिकायत में बताया गया है कि यह भुगतान नेहा देशमुख की मौजूदगी में उनके पति नोकेश देशमुख को किया गया था।
कुछ समय बाद अजय चंद्राकर को जानकारी मिली कि जिस जमीन का सौदा उनसे किया गया था, उसी जमीन को फर्जी ऋण पुस्तिका तैयार कर अन्य लोगों को भी बेचा गया है। जांच में यह भी सामने आया कि सुखदेव सिंह सहित अन्य लोग भी इसी प्रकार की कथित धोखाधड़ी का शिकार हुए हैं।
आरोप है कि दंपती ने एक ही जमीन के लिए अलग-अलग फर्जी दस्तावेज तैयार कर विभिन्न लोगों से इकरारनामा किया और उनसे अग्रिम राशि प्राप्त की। इस तरह एक ही संपत्ति का कई बार सौदा कर अवैध रूप से धन अर्जित करने की कथित साजिश को अंजाम दिया गया।
पुलगांव पुलिस ने नोकेश देशमुख और नेहा देशमुख के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। पुलिस आरोपियों की पतासाजी में जुटी हुई है। जानकारी के मुताबिक, आरोपी दंपती के खिलाफ पूर्व में भी धोखाधड़ी का एक मामला दर्ज हो चुका है, जिसकी भी जांच की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े अन्य संभावित पीड़ितों की जानकारी भी जुटाई जा रही है। यदि किसी अन्य व्यक्ति के साथ भी इसी प्रकार की धोखाधड़ी हुई है, तो उसे आगे आकर शिकायत दर्ज कराने की अपील की गई है। वहीं, जमीन खरीदने से पहले संबंधित दस्तावेजों की राजस्व अभिलेखों से पुष्टि करने और कानूनी जांच कराने की सलाह भी दी गई है।








