छत्तीसगढ़

बी द होप’ बना मानवता का संदेश: सेंट थॉमस महाविद्यालय में करुणा, सेवा और सामाजिक ज़िम्मेदारी पर प्रेरक सेमिनार

भिलाई। सेंट थॉमस महाविद्यालय, भिलाई के शिक्षा विभाग एवं सूद चैरिटी फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में “बी द होप” विषय पर एक दिवसीय सेमिनार का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं बी.एड. प्रशिक्षणार्थियों के भीतर मानवता, करुणा एवं सामाजिक ज़िम्मेदारी की भावना को जागृत करना तथा उन्हें समाज सेवा के प्रति प्रेरित करना था।

Bharti college
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कार्यक्रम की शुरुआत महाविद्यालय की प्रार्थना के साथ हुई। इस अवसर पर नागसेन उच्च माध्यमिक विद्यालय की प्राचार्य एवं सूद चैरिटी फाउंडेशन की अध्यक्ष श्रीमती दीक्षा नागदेवे मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापकगण, सूद चैरिटी फाउंडेशन के सदस्य एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए।

मुकेश
Sarada

शिक्षा विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. दीप्ति संतोष ने अपने स्वागत उद्बोधन में सूद चैरिटी फाउंडेशन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि समाज और मानवता के लिए किया गया प्रत्येक छोटा प्रयास भी बड़े बदलाव का कारण बन सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से जीवन में संवेदनशीलता एवं सेवा भाव को अपनाने का आह्वान किया।

खाटू श्याम
Rungta

मनोविज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष एवं अधिष्ठाता डॉ. देबजानी मुखर्जी ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में कहा कि मानवता और करुणा केवल विचार नहीं, बल्कि जीवन जीने का तरीका है। उन्होंने विद्यार्थियों को रक्तदान, वृक्षारोपण तथा अन्य सामाजिक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए प्रेरित किया और कहा कि युवा पीढ़ी ही समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकती है।

मुख्य अतिथि श्रीमती दीक्षा नागदेवे ने अपने उद्बोधन में कहा कि कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी जरूरतमंदों की सहायता करना ही सच्ची मानवता है। उन्होंने कहा कि जब किसी के चेहरे पर हमारी वजह से मुस्कान आती है, तो वही सबसे बड़ी उपलब्धि होती है। उन्होंने विद्यार्थियों से सदैव आशा का संचार करने और समाज के कमजोर वर्गों के प्रति संवेदनशील रहने का संदेश दिया।

अलताब
शमशेर

सूद चैरिटी फाउंडेशन के सदस्य श्री विकास जैसवाल ने विद्यार्थियों को अपने जन्मदिन जैसे विशेष अवसरों पर जरूरतमंदों की सहायता करने, फलदान एवं वस्त्रदान जैसी गतिविधियों में भाग लेने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी पहलें समाज में बड़े बदलाव का आधार बनती हैं।

कार्यक्रम के दौरान मानवता, सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व से जुड़े विभिन्न विषयों पर सार्थक चर्चा हुई, जिसने उपस्थित विद्यार्थियों को समाज के प्रति अपने कर्तव्यों को समझने और उन्हें निभाने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम का संचालन बी.एड. प्रशिक्षणार्थी टी. सान्या ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन बी.एड. प्रशिक्षणार्थी अल्पना रंजन ने प्रस्तुत किया। अंत में सभी अतिथियों, प्राध्यापकों एवं छात्र-छात्राओं ने मानवता और सेवा के मूल्यों को अपने जीवन में आत्मसात करने का संकल्प लिया।

यह सेमिनार केवल एक शैक्षणिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज में आशा, करुणा और सकारात्मक बदलाव का संदेश देने वाला एक प्रेरक प्रयास साबित हुआ।