दुर्ग रेलवे स्टेशन पर हुआ दर्दनाक हादसा, पैर कटने और अत्यधिक रक्तस्राव से मौके पर ही गई जान; रोजाना रायपुर आना-जाना करते थे।
दुर्ग। दुर्ग रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी के क्षेत्रीय प्रबंधक संदीप कुमार सिन्हा की मौत हो गई। चलती हुई एक्सप्रेस ट्रेन में चढ़ने की कोशिश के दौरान उनका पैर फिसल गया और वे प्लेटफॉर्म तथा ट्रेन के बीच ट्रैक पर जा गिरे। हादसे में उनका दायां पैर कट गया और अत्यधिक रक्तस्राव होने के कारण उन्होंने दम तोड़ दिया।
जीआरपी दुर्ग से मिली जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 5:45 बजे प्लेटफॉर्म क्रमांक-4 पर दुर्ग-रायपुर लोकल ट्रेन खड़ी थी। इसी दौरान पुणे-हटिया एक्सप्रेस प्लेटफॉर्म क्रमांक-3 पर पहुंची। ट्रेन के लगभग पांच मिनट के निर्धारित ठहराव के बाद जैसे ही वह रायपुर की ओर रवाना होने लगी, संदीप कुमार सिन्हा ने लोकल ट्रेन छोड़कर एक्सप्रेस ट्रेन पकड़ने का निर्णय लिया और दौड़ते हुए उसमें चढ़ने का प्रयास किया।
बताया जा रहा है कि ट्रेन में चढ़ते समय उनके दाएं हाथ में रखा लैपटॉप बैग फिसलकर कलाई तक आ गया, जिससे उनका संतुलन बिगड़ गया। वहीं बाएं हाथ से ट्रेन के गेट पर लगे हत्थे की पकड़ भी कमजोर पड़ गई। संतुलन बिगड़ने के कारण वे प्लेटफॉर्म और चलती ट्रेन के बीच ट्रैक पर गिर गए और गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे में उनका दायां पैर कट गया।
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), जीआरपी और रेलवे प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्हें तत्काल ट्रैक से बाहर निकालकर एंबुलेंस की सहायता से जिला अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
मृतक की पहचान उनके पास मिले दस्तावेजों के आधार पर साईं नगर, उरला निवासी संदीप कुमार सिन्हा के रूप में हुई। वे ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी में क्षेत्रीय प्रबंधक के पद पर कार्यरत थे। उनके पास रेलवे का मासिक यात्रा पास भी मिला है, जिससे यह जानकारी सामने आई कि वे प्रतिदिन रायपुर आने-जाने के लिए रेल यात्रा करते थे।
इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर चलती ट्रेन में चढ़ने और उतरने के खतरों को उजागर कर दिया है। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि जल्दबाजी में कभी भी चलती ट्रेन पकड़ने का प्रयास न करें, क्योंकि एक छोटी सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।








