भिलाई पब्लिक स्कूल
छत्तीसगढ़

सीसीईटी भिलाई में जिला स्तरीय रोजगार मेले का सफल आयोजन, 6000 नौकरियों के अवसर, 100 युवाओं का अंतिम चयन

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स्पर्स

भिलाई। युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर प्रदान करने और उन्हें सशक्त बनाने के उद्देश्य से क्रिश्चियन कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (सीसीईटी), कैलाश नगर भिलाई में 10 अप्रैल 2026 को जिला स्तरीय रोजगार मेले का सफल आयोजन किया गया। यह आयोजन रोजगार विभाग छत्तीसगढ़ के सहयोग से आयोजित हुआ, जिसका मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों और नौकरी के इच्छुक युवाओं को प्रतिष्ठित कंपनियों से सीधे जोड़ना तथा उन्हें करियर के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना था।

भारती
Sarada

रोजगार मेले में विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख कंपनियों ने भाग लेते हुए लगभग 6000 रिक्तियों की पेशकश की। इस आयोजन में कुल 1100 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया, जिनमें से 800 अभ्यर्थी साक्षात्कार प्रक्रिया में शामिल हुए। साक्षात्कार के बाद 400 अभ्यर्थियों का प्राथमिक चयन किया गया, जबकि 100 अभ्यर्थियों का अंतिम चयन हो चुका है। शेष चयनित अभ्यर्थियों की प्रक्रिया जारी है, जिससे चयन संख्या में और वृद्धि होने की संभावना है।

समशेर सिद्दीकी
खाटू श्याम
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इस रोजगार मेले का उद्देश्य युवाओं को विविध करियर विकल्पों के लिए एक मंच प्रदान करना, उनकी रोजगार योग्यता और साक्षात्कार कौशल को मजबूत बनाना तथा उन्हें उद्योग की अपेक्षाओं और चयन प्रक्रिया का व्यावहारिक अनुभव देना था। कार्यक्रम ने शैक्षणिक ज्ञान और उद्योग की आवश्यकताओं के बीच की दूरी को कम करने तथा युवाओं में करियर जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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यह सफल आयोजन कार्यकारी उपाध्यक्ष डॉ. फादर पी. एस. वर्गीज के आशीर्वाद और दूरदर्शी नेतृत्व में संपन्न हुआ। कार्यक्रम को सफल बनाने में प्राचार्य डॉ. जितेंद्र तिवारी का निरंतर सहयोग और उप प्राचार्य डॉ. अर्चना चौधरी का मार्गदर्शन महत्वपूर्ण रहा। साथ ही समन्वयकों और छात्र स्वयंसेवकों के समर्पित प्रयासों ने आयोजन को सुव्यवस्थित और सफल बनाया।

अलताब
क्रिश्चियन कॉलेज

महाविद्यालय प्रशासन ने रोजगार मेले में भाग लेने वाली सभी कंपनियों, अधिकारियों और अभ्यर्थियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन भविष्य में भी किए जाते रहेंगे, ताकि अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार के अवसर मिल सकें। यह रोजगार मेला न केवल नौकरी दिलाने का मंच बना, बल्कि विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ाने और उद्योग व शिक्षा के बीच समन्वय स्थापित करने में भी सहायक सिद्ध हुआ।