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सेल अधिकारियों के हितों पर हाईलेवल मंथन: सेफी ने CMD के सामने रखीं पेंशन, PRP, प्रमोशन और HRA समेत 12 बड़ी मांगें

नई दिल्ली। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) के अधिकारियों के हितों से जुड़े लंबे समय से लंबित विभिन्न मुद्दों को लेकर स्टील एक्जीक्यूटिव फेडरेशन ऑफ इंडिया (सेफी) के प्रतिनिधिमंडल ने सेल के शीर्ष प्रबंधन के साथ अहम बैठक की। इस्पात भवन, नई दिल्ली में आयोजित बैठक में सेफी चेयरमैन एवं ओए-बीएसपी अध्यक्ष नरेन्द्र कुमार बंछोर तथा सेफी उपाध्यक्ष नरेन्द्र सिंह ने सेल के अध्यक्ष (सीएमडी) डॉ. अशोक पंडा और निदेशक (कार्मिक) के.के. सिंह के समक्ष अधिकारियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे प्रमुखता से उठाए।

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बैठक में सेल पेंशन स्कीम, सेल मेडिक्लेम स्कीम में सुधार, सभी इकाइयों में एक समान एचआरए लागू करने, वित्तीय वर्ष 2024-25 के परफॉर्मेंस रिलेटेड पे (PRP) के शीघ्र भुगतान, सेल अस्पतालों की सुविधाओं में विस्तार, जेओ-2018 बैच की नोशनल पदोन्नति, समय पूर्व सेवानिवृत्ति का विरोध, इंक्रीमेंटल PRP, कोलियरियों के अधिकारियों को पेंशन सुविधा, टाउनशिप के बेहतर उपयोग और जेओ-2008 एवं 2010 बैच की वेतन विसंगतियों सहित कई अहम विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।

मुकेश
Sarada

पेंशन स्कीम में संशोधन की जोरदार मांग

खाटू श्याम
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सेफी ने प्रबंधन से मांग की कि सार्वजनिक उपक्रम विभाग (डीपीई) के दिशानिर्देशों के अनुरूप अधिकारियों को सेवानिवृत्ति के बाद 30 प्रतिशत लाभ सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। फेडरेशन ने कहा कि प्रत्येक माह 9 प्रतिशत की दर से पेंशन अंशदान का नियमित हस्तांतरण किया जाना चाहिए। साथ ही वर्ष 2007 से लागू राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) में सेल द्वारा राशि जमा करने में हुई देरी के कारण अधिकारियों को हुए नुकसान की भरपाई ब्याज सहित की जानी चाहिए। सेफी ने कहा कि पेंशन कर्मचारियों का अधिकार है और इसे समय पर लागू नहीं किया जाना डीपीई दिशानिर्देशों की भावना के विपरीत रहा।

मेडिक्लेम योजना में और बेहतर सुविधाओं की मांग

अलताब
शमशेर

बैठक में सेफी ने मेडिक्लेम स्कीम के तहत आईपीडी और ओपीडी सुविधाओं में विस्तार, कॉर्पोरेट बफर बढ़ाने, विभिन्न उपचारों की कैपिंग सीमा बढ़ाने, रोबोटिक सर्जरी जैसे आधुनिक इलाज को शामिल करने तथा प्रीमियम कम करने का आग्रह किया। इस पर प्रबंधन ने बताया कि नई मेडिक्लेम योजना में कॉर्पोरेट बफर बढ़ाया गया है, प्रीमियम कम किया गया है और कई उपचारों की कैपिंग सीमा में भी वृद्धि की गई है।

PRP भुगतान पर जल्द आदेश का भरोसा

सेफी ने वर्ष 2024-25 के परफॉर्मेंस रिलेटेड पे (PRP) का भुगतान शीघ्र जारी करने की मांग उठाई। इस पर सेल प्रबंधन ने भरोसा दिलाया कि डीपीई के दिशा-निर्देशों के अनुरूप एमओयू रेटिंग प्राप्त होते ही PRP भुगतान के आदेश जल्द जारी किए जाएंगे।

अस्पतालों की आउटसोर्सिंग पर सभी पक्षों से चर्चा की मांग

सेफी ने स्पष्ट कहा कि सेल अस्पतालों की आउटसोर्सिंग जैसे किसी भी बड़े निर्णय से पहले कर्मचारियों, सेवानिवृत्त अधिकारियों, आश्रितों तथा सभी एसोसिएशनों और यूनियनों से व्यापक चर्चा की जानी चाहिए। फेडरेशन ने अस्पतालों में कार्यरत कर्मचारियों के भविष्य और कैरियर पर पड़ने वाले प्रभावों को लेकर पारदर्शिता बरतने की भी मांग की।

एक समान HRA लागू करने की मांग

प्रतिनिधिमंडल ने सेल की सभी इकाइयों में डीपीई के नियमों के अनुरूप एक समान हाउस रेंट अलाउंस (HRA) लागू करने की मांग करते हुए कहा कि अलग-अलग इकाइयों में भिन्न व्यवस्था से अधिकारियों के बीच असमानता की स्थिति बन रही है।

जेओ-2018 बैच को नोशनल पदोन्नति देने की मांग

सेफी ने बताया कि वर्ष 2012, 2014 और 2016 में विभागीय परीक्षा आयोजित नहीं होने के कारण कई अधिकारियों को पहली बार वर्ष 2018 में पदोन्नति का अवसर मिला। ऐसे में पात्रता अवधि में छह माह की छूट देकर उन्हें ई-2 से ई-3 ग्रेड में नोशनल पदोन्नति प्रदान की जानी चाहिए।

वेतन विसंगति दूर करने की मांग

जेओ-2008 और 2010 बैच के अधिकारियों की वेतन विसंगति का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। सेफी ने बताया कि कई वरिष्ठ अधिकारी अपने जूनियर अधिकारियों से भी कम वेतन प्राप्त कर रहे हैं, जो गंभीर असमानता है। फेडरेशन ने 1 जनवरी 2023 से प्रभावी इस विसंगति को तत्काल दूर करने के लिए निदेशक (कार्मिक) से हस्तक्षेप करने का आग्रह किया।

टाउनशिप के बेहतर उपयोग पर दिया सुझाव

बैठक में सेल टाउनशिप की खाली पड़ी भूमि, भवनों और आवासों के बेहतर उपयोग का मुद्दा भी उठाया गया। सेफी ने सुझाव दिया कि लीजिंग एवं लाइसेंसिंग नीति को प्रभावी बनाकर खाली परिसंपत्तियों का उपयोग किया जाए, जिससे अवैध कब्जों पर रोक लग सके। साथ ही वर्तमान कर्मचारियों के लिए आधुनिक सुविधायुक्त नए आवास बनाए जाएं तथा खाली मकानों को सेवानिवृत्त कर्मचारियों को लाइसेंस के आधार पर उपलब्ध कराया जाए। फेडरेशन ने थर्ड पार्टी आवंटन नीति की समीक्षा कर लंबे समय से बाहरी व्यक्तियों को आवंटित बड़े मकानों का पुनर्मूल्यांकन करने तथा पात्रता समाप्त होने पर ऐसे आवंटन निरस्त करने की भी मांग की।

बैठक के दौरान सेफी ने दोहराया कि अधिकारियों से जुड़े लंबित मुद्दों का समयबद्ध समाधान संगठन और कर्मचारियों दोनों के हित में है। वहीं सेल प्रबंधन ने प्रतिनिधिमंडल द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों पर सकारात्मक विचार करने और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।