VB G-RAM-G Explained 1 July 2026: आज से देशभर में मनरेगा की जगह VB G-RAM-G कानून लागू हो गया है. इसमें औसत मजदूरी की दरें भी बढ़ा दी गई हैं. सरकार ने नई मजदूरी नोटिफाई की हैं. यहां जानिए क्या-क्या बदलाव लागू हो रहे हैं।
VB-G-RAM-G Act from Today: आज से देशभर में मनरेगा (MGNREGA) का अस्तित्व खत्म हो गया है, जबकि रोजगार गारंटी पर नए कानून VB G-RAM-G यानी 'विकसित भारत–रोजगार और आजीविका मिशन गारंटी (ग्रामीण) अधिनियम, 2025' लागू हो गया है. इस योजना के तहत मजदूरी की नई दरें भी नोटिफाई कर दी हैं. केंद्र के अनुसार, नई ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत राष्ट्रीय औसत मजदूरी बढ़कर 327.4 रुपये प्रतिदिन कर दी गई है, जो मनरेगा के तहत पहले 298.8 रुपये प्रतिदिन थी. यानी औसतन मजदूरी में 28 रुपये 60 पैसे की बढ़ोतरी की गई है. ग्रामीण विकास मंत्रालय के अनुसार, आज एक जुलाई से प्रभावी नई मजदूरी दरें सभी 34 राज्यों, केंद्रशासित प्रदेशों और मजदूरी क्षेत्रों में बढ़ाई गई हैं.
औसतन 300 रुपये प्रतिदिन की मजदूरी तय
केंद्रीय मंत्रालय ने बताया कि 300 रुपये प्रतिदिन की नई अंतरिम आधार मजदूरी दर तय की गई है. इससे ये सुनिश्चित होगा कि योजना के तहत अधिसूचित कोई भी मजदूरी इससे कम न हो. सरकार के अनुसार, देशभर में औसतन मजदूरी दरों में 10% से ज्यादा की बढ़ोतरी की गई है।
सरकार ने कहा कि संशोधित मजदूरी की दरें ऐसे तैयार की गई हैं कि जिन राज्यों में पहले मजदूरी कम थीं, उन्हें ज्यादा लाभ मिले. सरकार ने कहा कि वहीं, पहले से अधिक मजदूरी वाले राज्यों में भी बढ़ोतरी की गई है।
हरियाणा, गोवा, केरल में मजदूरी 400 रुपये के पार
21 राज्यों और प्रशासनिक इकाइयों में मजदूरी को बढ़ाकर 300 रुपये की नई अंतरिम आधार दर तक पहुंचाया गया है. वहीं, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और असम जैसे राज्यों में मजदूरी में 15 से 25 प्रतिशत तक की वृद्धि होगी. अरुणाचल प्रदेश और नगालैंड में लगभग 24.5 प्रतिशत की सबसे अधिक वृद्धि की गई है।
सरकार ने कहा कि हरियाणा में अधिसूचित मजदूरी 409 रुपये, गोवा में 406 रुपये, केरल में 401 रुपये, जबकि सिक्किम की ऊंचाई वाले ग्राम पंचायत क्षेत्रों में 450 रुपये प्रतिदिन निर्धारित की गई है.
100 नहीं अब 125 दिन के काम की गारंटी
VB G-RAM-G का नया कानून अब ग्रामीण परिवारों को 100 की बजाय 125 दिन के रोजगार की गारंटी देता है. पुराने मनरेगा कानून में 100 दिन के रोजगार की गारंटी दी जा रही थी. ये गारंटी मजदूरी आधारित रोजगार की होती है।
95,692.31 करोड़ रुपये का आवंटन, आगे और बढ़ेगा
मंत्रालय ने कहा कि बिना किसी बाधा के नए रोजगार कानून को सुचारु रूप से लागू करने आर समय पर मजदूरी के भुगतान के लिए राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को 95,692.31 करोड़ रुपये का अंतरिम आवंटन किया गया है।
मंत्रालय के अनुसार, 29 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों ने इस अधिनियम के लिए बजटीय प्रावधान किए हैं, जबकि 24 राज्यों ने अपनी वीबी-जी राम-जी राज्य योजनाओं को अधिसूचित कर दिया है.
नए कार्ड बनने तक मनरेगा जॉब कार्ड पर ही मिलेगा काम
सरकार ने स्पष्ट किया है कि मनरेगा के तहत लोगों को जो जॉब कार्ड मिले थे, वे अभी वैलिड रहेंगे. पुराने मनरेगा कार्ड पर ही लोगों को VB G-RAM-G के तहत काम मिलता रहेगा. केंद्र ने बताया है कि E-KYC सत्यापित मौजूदा जॉब कार्ड तब तक मान्य रहेंगे, जब तक नए ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी नहीं कर दिए जाते।
मंत्रालय ने कहा कि योजना के क्रियान्वयन में ग्राम पंचायतों की भूमिका पहले की तरह बनी रहेगी. मंत्रालय ने कहा कि प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, जल संरक्षण, कृषि एवं संबद्ध गतिविधियों, ग्रामीण बुनियादी ढांचे और महिला सशक्तीकरण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा.
'कोई भी मजदूर, एक भी दिन बेरोजगार न रहे'
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, 'सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र ग्रामीण मजदूर एक भी दिन काम से वंचित न रहे।
उन्होंने कहा, 'वीबी-जी राम-जी कानून का लागू होना समृद्ध गांवों के माध्यम से विकसित भारत के निर्माण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है. केंद्र और राज्यों ने मिलकर इसके क्रियान्वयन की तैयारियां पूरी कर ली हैं।











