भिलाई। छत्तीसगढ़ को अंगदान और देहदान के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में सर्वधर्म सेवा संस्था, भिलाई ने महत्वपूर्ण पहल की है। संस्था के संरक्षक इंद्रजीत सिंह (छोटू भईया) के सहयोग एवं मार्गदर्शन में संस्था के प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से सौजन्य भेंट कर अंगदान को जन-आंदोलन का स्वरूप देने के लिए 16 बिंदुओं का विस्तृत सुझाव-पत्र सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि पूरे प्रदेश में अंगदान एवं देहदान के प्रति व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए, जिससे अधिक से अधिक लोग इस महादान के लिए प्रेरित हों। संस्था का मानना है कि जागरूकता के अभाव में अनेक मरीज समय पर अंग नहीं मिलने के कारण अपनी जान गंवा देते हैं, जबकि अंगदान से कई लोगों को नया जीवन दिया जा सकता है।
इस दौरान संस्था ने एक महत्वपूर्ण मांग रखते हुए कहा कि जो लोग मरणोपरांत अंगदान का निर्णय लेते हैं, उन्हें राजकीय सम्मान प्रदान किया जाना चाहिए। संस्था के अनुसार ऐसा कदम समाज में अंगदान के प्रति सम्मान की भावना बढ़ाएगा और अधिक लोग इस पुनीत कार्य से जुड़ने के लिए प्रेरित होंगे।
सर्वधर्म सेवा संस्था ने अपने सुझाव-पत्र में शासन, चिकित्सा संस्थानों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों के समन्वित प्रयासों पर जोर दिया। संस्था का कहना है कि यदि सभी मिलकर योजनाबद्ध तरीके से कार्य करें तो छत्तीसगढ़ न केवल हजारों जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन देने में सफल होगा, बल्कि अंगदान और देहदान के क्षेत्र में देशभर के लिए एक आदर्श मॉडल बन सकता है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और इस विषय पर सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री के सकारात्मक रुख पर सर्वधर्म सेवा संस्था ने उनका आभार व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि सरकार के सहयोग से अंगदान को जन-जन तक पहुंचाने का अभियान और अधिक प्रभावी होगा।







