हाथ में रोटी, कटघरे में सरकार …
विद्यामितानों के संघर्ष को मिला अरुण वोरा का साथ
दुर्ग। सरकार से अपनी मांगों को पूरा करने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे प्रांतीय अतिथि शिक्षक (विद्यामितान) कल्याण संघ, छत्तीसगढ़ के आंदोलनरत शिक्षकों ने हाथों में रोटी लेकर सांकेतिक प्रदर्शन किया। रोटी के माध्यम से उन्होंने अपनी आजीविका और सम्मान की लड़ाई को सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया।उनका कहना है कि वर्षों से वे शासकीय स्कूलों में सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन आज भी नियमितीकरण, ग्रीष्मकालीन मानदेय, समान कार्य के अनुरूप वेतन तथा अन्य सेवा संबंधी सुविधाओं की मांग लंबित है।
विद्यामितानों के आंदोलन को समर्थन देने पूर्व विधायक अरुण वोरा धरना स्थल पहुंचे। उन्होंने आंदोलनरत शिक्षकों से चर्चा कर उनकी समस्याएं सुनीं और उनके ज्ञापन का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में लंबे समय से योगदान दे रहे शिक्षकों की मांगों का समाधान संवेदनशीलता के साथ किया जाना चाहिए तथा सरकार को सभी पक्षों से चर्चा कर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए।
विद्यामितानों ने बताया कि वे शिक्षण कार्य के साथ-साथ बोर्ड परीक्षाओं, निर्वाचन कार्य, एनएसएस, आईसीटी प्रशिक्षण सहित अनेक जिम्मेदारियों का निर्वहन भी करते हैं। इसके बावजूद नियमितीकरण, ग्रीष्मकालीन मानदेय, समान कार्य के लिए समान वेतन तथा शासकीय कर्मचारियों के समान अवकाश जैसी मांगें अब तक पूरी नहीं हो सकी हैं।
इस अवसर पर अरुण वोरा ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रख रहे विद्यामितानों की मांगों पर गंभीरता से विचार कर ऐसा समाधान निकाला जाना चाहिए, जिससे शिक्षा व्यवस्था मजबूत हो और शिक्षकों के साथ न्याय हो। कांग्रेस पार्टी हमेशा से शिक्षा, शिक्षकों और कर्मचारियों के सम्मान की पक्षधर रही है।अतिथि शिक्षक प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं कांग्रेस पार्टी विद्यामितानों की न्यायसंगत मांगों के साथ मजबूती से खड़ी है.
प्रदर्शन के दौरान विद्यामितानों ने कहा कि हाथों में उठाई गई रोटी उनके सम्मान, आजीविका और अपने अधिकारों की मांग का प्रतीक है। उन्होंने सरकार से शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की मांग दोहराई।









