छत्तीसगढ़

अब एटीएम से मिलेगा राशन: दुर्ग जिले का पहला 'अन्नपूर्ति ग्रीन एटीएम' तैयार, 24 घंटे चावल की सुविधा, कलेक्टर ने लिया अंतिम जायजा

भिलाई। दुर्ग जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) अब तकनीक के सहारे नई दिशा में कदम बढ़ाने जा रही है। जिले का पहला 'अन्नपूर्ति ग्रीन एटीएम' भिलाई के सुपेला स्थित गदा चौक, अंबेडकर नगर में जल्द शुरू होने वाला है। इस अत्याधुनिक मशीन के जरिए राशनकार्डधारी अब 24 घंटे अपनी सुविधा के अनुसार चावल प्राप्त कर सकेंगे। इससे उचित मूल्य दुकानों पर लगने वाली लंबी कतारों से राहत मिलेगी और राशन वितरण व्यवस्था पहले से अधिक तेज, पारदर्शी और सुविधाजनक बनेगी।

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शुभारंभ से पहले दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह ने अन्नपूर्ति ग्रीन एटीएम का निरीक्षण कर अंतिम तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को मशीन के सुरक्षित एवं निर्बाध संचालन के लिए चौकीदार और ऑपरेटर की दो-दो शिफ्टों में ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए। साथ ही मशीन की नियमित मॉनिटरिंग, सुरक्षा व्यवस्था और हितग्राहियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी आवश्यक इंतजाम समय पर पूरे करने को कहा।

मुकेश
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यह ग्रीन एटीएम 'वन नेशन-वन राशन कार्ड' योजना के तहत कार्य करेगा। यानी दुर्ग जिले के राशनकार्डधारियों के साथ-साथ दूसरे जिलों के पात्र हितग्राही भी अपने राशन कार्ड के माध्यम से इस मशीन से निर्धारित मात्रा में चावल प्राप्त कर सकेंगे। इससे बाहर से आए श्रमिकों, कर्मचारियों और अन्य पात्र परिवारों को भी बड़ी सुविधा मिलेगी।

खाटू श्याम
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अन्नपूर्ति ग्रीन एटीएम का संचालन महिला स्व-सहायता समूह द्वारा किया जाएगा। समूह की सदस्य मशीन में चावल की आपूर्ति, संचालन और हितग्राहियों की सहायता का कार्य संभालेंगी। वहीं, जो हितग्राही स्वयं मशीन का उपयोग करना चाहेंगे, वे डिजिटल प्रक्रिया के माध्यम से बिना किसी परेशानी के अपना राशन प्राप्त कर सकेंगे।

करीब 2.7 मीट्रिक टन क्षमता वाले इस ग्रीन एटीएम में पर्याप्त मात्रा में चावल का भंडारण किया जा सकेगा। मशीन में आधार अथवा निर्धारित प्रमाणीकरण प्रक्रिया पूरी होने के बाद हितग्राही को तय मात्रा में चावल उपलब्ध कराया जाएगा। इससे वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी, मानवीय त्रुटियां कम होंगी और समय की भी बचत होगी।

अलताब
शमशेर

जिला प्रशासन का मानना है कि यह व्यवस्था सार्वजनिक वितरण प्रणाली में डिजिटल बदलाव की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। यदि यह मॉडल सफल रहता है तो आने वाले समय में जिले के अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह के अन्नपूर्ति ग्रीन एटीएम स्थापित किए जा सकते हैं। इससे जरूरतमंद परिवारों को किसी भी समय आसानी से राशन उपलब्ध हो सकेगा और सरकारी योजनाओं का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से आम लोगों तक पहुंचेगा।