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कई महीनों के विवाद के बीच बदले भिलाई निगम आयुक्त, पार्षदों और महापौर के बहिष्कार के बाद सरकार का बड़ा फैसला

भिलाई। भिलाई नगर पालिक निगम में लंबे समय से चल रहे प्रशासनिक और राजनीतिक विवाद के बीच राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए निगम आयुक्त राजीव कुमार पांडे का तबादला कर दिया है। उनकी जगह आईएएस (2020 बैच) सुश्री सुरूचि सिंह को अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक भिलाई नगर निगम का नया आयुक्त नियुक्त किया गया है।

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गौरतलब है कि पिछले कई महीनों से निगम आयुक्त और जनप्रतिनिधियों के बीच लगातार टकराव की स्थिति बनी हुई थी। नगर निगम की सामान्य सभा और अन्य बैठकों में महापौर और पार्षदों ने आयुक्त के खिलाफ नाराजगी जताते हुए उनका बहिष्कार तक किया था।

मुकेश
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जनप्रतिनिधियों का आरोप था कि निगम प्रशासन विकास कार्यों और जनहित से जुड़े मामलों में उनकी बातों को गंभीरता से नहीं ले रहा है तथा समन्वय की कमी के कारण कई योजनाएं प्रभावित हो रही हैं।

खाटू श्याम
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आयुक्त और जनप्रतिनिधियों के बीच बढ़ते विवाद को लेकर राजनीतिक हलकों में लगातार चर्चा चल रही थी। विपक्ष और सत्ता पक्ष के कई पार्षद भी अलग-अलग मौकों पर निगम प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा चुके थे। ऐसे में सरकार के इस तबादले को लंबे समय से चले आ रहे विवाद के बाद उठाया गया अहम प्रशासनिक कदम माना जा रहा है।

नई आयुक्त सुश्री सुरूचि सिंह जो वर्तमान में जिला पंचायत राजनांदगांव की मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) हैं, अब भिलाई नगर निगम की कमान संभालेंगी। उनसे निगम प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा शहर के लंबित विकास कार्यों को गति देने की अपेक्षा की जा रही है।

अलताब
शमशेर

पार्षदों का कहना हैं,कि कथित वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं के कारण बजट पर चर्चा के लिए बुलाए गए एक विशेष सत्र में दो-तिहाई से ज्यादा चुने हुए सदस्यों ने कमिश्नर के खिलाफ वोट दिया था।

सरकार के इस फैसले के बाद भिलाई की राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। अब सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि नई आयुक्त के नेतृत्व में निगम प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच तालमेल किस तरह स्थापित होता है और शहर के विकास कार्यों को कितनी गति मिलती है।