बीएसपी के करोड़ों के स्क्रैप घोटाले में CBI का बड़ा एक्शन, अब खुलेंगी 'लौह लूट' की परतें
भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) में करोड़ों रुपये के लोहा स्क्रैप चोरी मामले की जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती नजर आ रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की लगभग 10 सदस्यीय टीम ने हाल ही में बीएसपी पहुंचकर जांच का मोर्चा संभाल लिया।
सूत्रों का दावा है कि सीबीआई जांच का फोकस केवल स्क्रैप चोरी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भी पता लगाया जा रहा है कि कथित तौर पर वर्षों से चल रहे इस पूरे नेटवर्क को किस स्तर पर संरक्षण मिला और इसमें किन-किन अधिकारियों, कर्मचारियों तथा बाहरी लोगों की भूमिका रही। जांच एजेंसी तकनीकी और वित्तीय रिकॉर्ड का मिलान कर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
गौरतलब है कि इससे पहले दुर्ग पुलिस की कार्रवाई में इस मामले ने प्रदेशभर का ध्यान खींचा था। पुलिस ने बीएसपी के एक महाप्रबंधक (जीएम), एक एजीएम सहित 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान कथित मास्टरमाइंड संजय सिंह और अन्य आरोपियों के ठिकानों से करोड़ों रुपये की संपत्ति, नकदी, बैंक दस्तावेज, चेकबुक, पासबुक और जेवरात बरामद किए गए थे। पुलिस की जांच में यह आशंका भी सामने आई थी कि फ्लू डस्ट और अन्य औद्योगिक सामग्री की आड़ में बड़े पैमाने पर लौह स्क्रैप की कथित अवैध निकासी की जा रही थी।
सूत्रों के मुताबिक सीबीआई अब उन सभी दस्तावेजों और साक्ष्यों का स्वतंत्र परीक्षण करेगी ,जो अब तक की जांच में सामने आए हैं। साथ ही संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ की तैयारी भी की जा रही है। जांच के दायरे में आने वाले दिनों में कुछ और लोगों को नोटिस जारी किए जाने की भी संभावना जताई जा रही है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
बीएसपी जैसे देश के प्रमुख सार्वजनिक उपक्रम में सामने आए इस बहुचर्चित स्क्रैप घोटाले की सीबीआई जांच शुरू होने के बाद संयंत्र के प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि केंद्रीय एजेंसी की जांच में और कौन-कौन से नाम सामने आते हैं तथा इस कथित करोड़ों रुपये के घोटाले में किस स्तर तक जवाबदेही तय होती है।








