भारत निर्वाचन आयोग ने छत्तीसगढ़ सहित देश के 12 राज्यों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) कार्यक्रम की तिथियों की घोषणा कर दी है।

भारत निर्वाचन आयोग ने छत्तीसगढ़ सहित देश के 12 राज्यों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) कार्यक्रम की तिथियों की घोषणा कर दी है। इसी संबंध में प्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी यशवंत कुमार ने आज राज्य के सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की।

बैठक का आयोजन मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय, रायपुर के सभागार में किया गया, जिसमें आयोग की ओर से पुनरीक्षण कार्यक्रम के चरणों, प्रक्रियाओं और जिम्मेदारियों की विस्तृत जानकारी दी गई। बैठक का उद्देश्य राजनीतिक दलों को इस राष्ट्रीय महत्व के कार्यक्रम में सहभागी बनाना और मतदाता सूची को त्रुटिरहित एवं पारदर्शी बनाना था।


प्रत्येक मतदान केंद्र के लिए नियुक्त बूथ स्तरीय अधिकारी (BLO) नए मतदाताओं को शामिल करने हेतु फॉर्म-6 एकत्र करेंगे, मृत या स्थानांतरित मतदाताओं की पहचान करेंगे और आधार लिंकिंग में सहयोग देंगे। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ERO) और सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (AERO) निगरानी करेंगे कि कोई पात्र नागरिक सूची से वंचित न रहे और कोई अपात्र नाम शामिल न हो। ईआरओ द्वारा तैयार मसौदा सूची में सभी गणना फॉर्म शामिल होंगे, जबकि अनुपस्थित या मृत मतदाताओं के नामों की सूची सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित की जाएगी। दावे और आपत्तियों पर सुनवाई के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी।



सीईओ यशवंत कुमार ने सभी दलों से अपील की कि वे अपने बूथ स्तरीय एजेंटों (BLA) के माध्यम से पुनरीक्षण कार्य में पूरा सहयोग दें, ताकि छूटे हुए पात्र मतदाताओं के नाम जोड़े जा सकें और मृत या डुप्लिकेट नाम हटाए जा सकें। उन्होंने बताया कि बीएलए भी प्रतिदिन 50 तक मतदाता प्रपत्र प्रमाणित कर सकते हैं और बीएलओ को जमा कर सकते हैं, जिससे प्रक्रिया तेज़ और पारदर्शी हो सके।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि SIR कार्यक्रम का मूल उद्देश्य है, हर पात्र नागरिक को मतदाता सूची में शामिल करना और किसी भी अपात्र नाम को हटाना। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची का यह गहन पुनरीक्षण लोकतंत्र की बुनियाद को और मजबूत करेगा तथा आगामी चुनावों की तैयारियों में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करेगा।
प्रशिक्षण से लेकर अंतिम सूची प्रकाशन तक की समय-सारणी तय
पुनरीक्षण कार्य को चार चरणों में पूरा किया जाएगा
मुद्रण एवं प्रशिक्षण चरण – 28 अक्टूबर से 3 नवंबर 2025 तक
घर-घर गणना (सत्यापन) चरण – 4 नवंबर से 4 दिसंबर 2025 तक
मसौदा मतदाता सूची का प्रकाशन – 9 दिसंबर 2025
दावे और आपत्तियाँ दर्ज करने की अवधि – 9 दिसंबर 2025 से 8 जनवरी 2026
सुनवाई एवं सत्यापन (नोटिस) चरण – 9 दिसंबर 2025 से 31 जनवरी 2026
अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन – 7 फरवरी 2026






































