छात्रों पर लाठीचार्ज से भड़के राहुल गांधी: बोले- युवाओं का भविष्य दांव पर, पीएम मोदी ने माफी तक नहीं मांगी
NEET पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच सियासी माहौल गर्मा गया है। कांग्रेस नेता एवं लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज की कड़ी निंदा करते हुए केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि देश की शिक्षा व्यवस्था गंभीर संकट से गुजर रही है, लेकिन सरकार इस पर संवेदनशीलता नहीं दिखा रही है।
राहुल गांधी मंगलवार को घायल छात्रों से मिलने अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने छात्रों का हालचाल जाना और उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिया। इस दौरान उन्होंने कहा, “यह सिर्फ एक परीक्षा का मुद्दा नहीं है, बल्कि देश के लाखों युवाओं के भविष्य का सवाल है। जिन छात्रों ने पारदर्शी और निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली की मांग की, उन्हें लाठियों से जवाब दिया गया।”
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि घटना के बाद प्रधानमंत्री ने अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और न ही छात्रों से माफी मांगी। राहुल गांधी ने कहा, “पूरा देश जानता है कि परीक्षा प्रणाली विफल हो चुकी है और उसमें दीमक लग चुकी है। ऐसे समय में सरकार को जवाब देना चाहिए, लेकिन वह मौन है।”
कांग्रेस सांसद ने शिक्षा व्यवस्था में वैचारिक हस्तक्षेप का आरोप लगाते हुए कहा कि विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में योग्य लोगों के बजाय विचारधारा से जुड़े व्यक्तियों को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि इससे देश की शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है।
NEET पेपर लीक मामले को लेकर विपक्ष लगातार केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय पर हमलावर है। दूसरी ओर, केंद्र सरकार का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस मुद्दे को लेकर संसद के मानसून सत्र में भी जोरदार हंगामे की संभावना बनी हुई है।
उल्लेखनीय है कि 20 जुलाई को जंतर-मंतर से हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी संसद की ओर मार्च कर रहे थे। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। प्रदर्शन के दौरान कई छात्रों के घायल होने की खबरें सामने आई हैं, जिसके बाद यह मामला अब राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है।
NEET पेपर लीक और छात्रों पर हुई कार्रवाई को लेकर देशभर में चर्चा जारी है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद से लेकर सड़कों तक और अधिक गर्मा सकता है।








