छत्तीसगढ़

पेपर लीक पर कांग्रेस का हल्ला बोल: PM आवास के बाहर राहुल, खरगे और प्रियंका धरने पर, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

नई दिल्ली। पेपर लीक के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरने के लिए कांग्रेस ने मंगलवार को राजधानी दिल्ली में बड़ा राजनीतिक प्रदर्शन किया। संसद के मॉनसून सत्र के दूसरे दिन कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने प्रधानमंत्री आवास के निकट धरना देकर केंद्र सरकार पर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। धरने में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा सहित कई सांसद और वरिष्ठ नेता शामिल हुए।

Bharti college
स्पर्स

धरने से पहले कांग्रेस सांसदों ने संसद परिसर से प्रधानमंत्री आवास की ओर पैदल मार्च निकाला। प्रदर्शन के दौरान "युवा न्याय दो" और "पेपर लीक बंद करो" जैसे नारों से राजधानी गूंज उठी। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों ने लाखों अभ्यर्थियों की मेहनत और उम्मीदों को झटका दिया है, लेकिन सरकार इस मुद्दे पर जवाबदेही तय करने में विफल रही है।

मुकेश
Sarada

राहुल गांधी ने कहा कि देश का युवा आज सड़कों पर जवाब मांग रहा है, लेकिन सरकार चुप्पी साधे हुए है। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली में बार-बार हो रही गड़बड़ियां केवल प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य पर सीधा हमला हैं। वहीं, मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जब तक दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती और जवाबदेही तय नहीं होती, कांग्रेस अपनी आवाज उठाती रहेगी।

खाटू श्याम
Rungta

प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि लाखों परिवार अपने बच्चों के सपनों के लिए संघर्ष करते हैं, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाएं उनकी उम्मीदों को तोड़ रही हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से समझौता किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

कांग्रेस ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए उन्हें पद छोड़ देना चाहिए। पार्टी ने यह भी संकेत दिए हैं कि यदि सरकार ने इस मुद्दे पर ठोस कदम नहीं उठाए, तो आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर और व्यापक बनाया जाएगा।

अलताब
शमशेर

उधर, सत्तापक्ष ने कांग्रेस के आरोपों को राजनीतिक नौटंकी करार देते हुए कहा कि केंद्र सरकार परीक्षा प्रणाली को और अधिक सुरक्षित एवं पारदर्शी बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। हालांकि, पेपर लीक का मुद्दा अब संसद से लेकर सड़क तक पहुंच चुका है और मॉनसून सत्र में इस पर सत्ता और विपक्ष के बीच तीखा टकराव देखने को मिल सकता है।

देश के युवाओं से जुड़े इस संवेदनशील मुद्दे ने एक बार फिर राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार विपक्ष की मांगों पर क्या रुख अपनाती है और पेपर लीक के मामलों पर क्या ठोस कार्रवाई होती है।