दुर्ग। आईपीएल क्रिकेट मैचों में ऑनलाइन सट्टा खिलाने वाले गिरोह के खिलाफ दुर्ग पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। थाना सिटी कोतवाली पुलिस और एसीसीयू टीम ने इस मामले में चार अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
इसके साथ ही प्रकरण में अब तक कुल सात आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। सभी आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 और बीएनएस की धाराओं के तहत कार्रवाई कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
पुलिस के मुताबिक 12 अप्रैल 2026 को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ऋषभ नगर दुर्ग निवासी विकास जैन अपने मकान में आईपीएल टी-20 मैच के दौरान मोबाइल फोन और ऑनलाइन एप के माध्यम से हार-जीत का दांव लगाकर सट्टा संचालित कर रहा है। सूचना मिलते ही थाना सिटी कोतवाली और एसीसीयू की संयुक्त टीम ने मौके पर दबिश दी।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने विकास जैन के साथ रौनक ताम्रकार और प्रवीण ताम्रकार को ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालित करते हुए रंगे हाथ पकड़ा। आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन, पॉकेट डायरी, नगदी रकम और ऑनलाइन लेनदेन से संबंधित दस्तावेज बरामद किए गए। इसके बाद थाना सिटी कोतवाली में अपराध क्रमांक 187/2026 दर्ज कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
पुलिस ने मामले की आगे जांच की तो गिरफ्तार आरोपियों के मेमोरण्डम कथन के आधार पर सट्टा नेटवर्क से जुड़े चार अन्य लोगों के नाम सामने आए। इसके बाद पुलिस ने अक्षत बोहरे, मोहम्मद आदिल, मोहम्मद अय्युब और प्रकाश सोनी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में सभी ने ऑनलाइन आईपीएल सट्टा संचालन में संलिप्तता स्वीकार की। पुलिस ने इनके कब्जे से अलग-अलग कंपनियों के मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं।
पुलिस ने आरोपियों के पास से कुल 8 मोबाइल फोन, 9 हजार 810 रुपये नकद, सट्टा लेखा-जोखा से जुड़ी पॉकेट डायरी और अन्य सामग्री जब्त की है। जब्त सामान की कुल कीमत करीब 89 हजार 810 रुपये बताई जा रही है।
गिरफ्तार आरोपियों में विकास जैन (45) निवासी ऋषभ नगर, रौनक ताम्रकार (38) निवासी शिवपारा, प्रवीण ताम्रकार (20) निवासी गवलीपारा, अक्षत बोहरे (39) निवासी गणपति विहार कॉलोनी पद्मनाभपुर, मोहम्मद आदिल (35) निवासी जवाहर चौक, मोहम्मद अय्युब (49) निवासी डिपरापारा और प्रकाश सोनी (49) निवासी मैथिलपारा शामिल हैं।
पुलिस का कहना है कि आरोपी संगठित रूप से ऑनलाइन एप और मोबाइल फोन के जरिए आईपीएल मैचों में हार-जीत पर अवैध रूप से पैसे का दांव लगाकर आर्थिक लाभ कमा रहे थे। मामले की विवेचना अभी जारी है और पुलिस को आशंका है कि इस नेटवर्क से अन्य लोग भी जुड़े हो सकते हैं।
इस कार्रवाई में थाना सिटी कोतवाली के उपनिरीक्षक निर्मल सिंह ध्रुव, प्रधान आरक्षक राकेश निर्मलकर, आरक्षक कमलकांत अंगूरे, केशव कुमार, गजेंद्र यादव सहित एसीसीयू टीम के अधिकारियों और कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
दुर्ग पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार के अवैध सट्टा, जुआ या ऑनलाइन अवैध गतिविधियों से दूर रहें और ऐसी गतिविधियों की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। पुलिस ने चेतावनी दी है कि ऑनलाइन सट्टा संचालन करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।









