सुपेला पुलिस की त्वरित कार्रवाई, अवैध सूदखोरी करने वाली महिला गिरफ्तार
दुर्ग। सुपेला थाना क्षेत्र में अवैध सूदखोरी कर लोगों से 20 प्रतिशत से 80 प्रतिशत तक ब्याज वसूलने और रकम वापस मिलने के बाद भी दस्तावेज नहीं लौटाने के मामले में पुलिस ने एक महिला आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी लोगों को झूठे प्रकरण में फंसाने और जान से मारने की धमकी देकर लगातार प्रताड़ित कर रही थी। शिकायत मिलते ही सुपेला पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे रिमांड पर भेज दिया गया।
पुलिस के मुताबिक फरीद नगर सुपेला निवासी रशीदा बानों ने थाना सुपेला में शिकायत दर्ज कराई थी कि मुस्कान उर्फ तब्बसुम शेख (43 वर्ष) लोगों को ऊंचे ब्याज पर रकम उधार देती थी। आरोपी जरूरतमंद लोगों से 20 प्रतिशत से लेकर 80 प्रतिशत तक ब्याज वसूलती थी। आरोप है कि मूल रकम लौटाने के बाद भी वह उधार के बदले गिरवी रखे दस्तावेज और अन्य जरूरी कागजात वापस नहीं करती थी।
शिकायत में यह भी बताया गया कि जब पीड़ित अपने दस्तावेज वापस मांगते थे तो आरोपी गाली-गलौज कर उन्हें डराती-धमकाती थी। इतना ही नहीं, झूठे मामलों में फंसाने और जान से मारने की धमकी भी दी जाती थी। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी द्वारा ललिता हियाल, स्वाधिका रावत समेत कई अन्य लोगों को भी इसी तरह प्रताड़ित किया जा रहा था।
मामले को गंभीरता से लेते हुए सुपेला पुलिस ने अपराध क्रमांक 634/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 296, 308(2) तथा कर्जा अधिनियम की धारा 04 के तहत प्रकरण कायम कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपी मुस्कान उर्फ तब्बसुम शेख को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के कब्जे से उधारी लेन-देन से जुड़े दस्तावेज और कागजात भी जब्त किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार आरोपी अवैध तरीके से लोगों को ऊंचे ब्याज पर रकम देकर उनके दस्तावेज अपने पास रखती थी और बाद में उन्हीं दस्तावेजों के जरिए दबाव बनाकर वसूली करती थी।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी सुपेला निरीक्षक विजय यादव, उप निरीक्षक धनेश्वर साहू, आरक्षक सूर्यप्रताप सिंह, प्रदीप सिंह और मिथलेश साहू की सराहनीय भूमिका रही।
दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि अवैध सूदखोरी और गैरकानूनी वित्तीय लेन-देन से बचें तथा इस तरह की गतिविधियों की जानकारी तत्काल पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।











