भिलाई। नगर निगम भिलाई में आयुक्त राजीव कुमार पांडेय को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। निगम की सामान्य सभा द्वारा आयुक्त को पद से हटाने का सर्वसम्मत प्रस्ताव पारित किए जाने के बाद अब महापौर नीरज पाल और एमआईसी सदस्य मामले को लेकर कलेक्टर से मिले।
प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर को पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए कहा कि सामान्य सभा के निर्णय के बावजूद आयुक्त लगातार कामकाज कर रहे हैं और ठेकेदारों के बिल पास कर रहे हैं, जो आर्थिक अनियमितता की श्रेणी में आता है।
महापौर और एमआईसी सदस्यों ने कलेक्टर को बताया कि 25 मार्च 2026 को आयोजित निगम की सामान्य सभा की बैठक में नगर निगम अधिनियम 1956 की धारा 54(2) के तहत आयुक्त राजीव कुमार पांडेय को तत्काल पद से हटाने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया था। सदन में पारित इस संकल्प के बाद आयुक्त को पद पर बने रहने, बिल पास करने और सरकारी दस्तावेजों में हस्ताक्षर करने का अधिकार नहीं रह जाता। इसके बावजूद वे लगातार निगम के कार्यों में हस्तक्षेप कर रहे हैं।
महापौर ने आरोप लगाया कि सामान्य सभा में पारित संकल्प की जानकारी शासन को भेजी जानी थी, लेकिन आयुक्त ने जानबूझकर इसकी सूचना शासन तक नहीं पहुंचाई। उन्होंने कहा कि संकल्प की कॉपी दबा दी गई और शासन को भेजी ही नहीं गई। इसी मुद्दे को लेकर हाल ही में एमआईसी की बैठक भी बुलाई गई थी, जिसमें आयुक्त को हटाने संबंधी प्रस्ताव को दोबारा पारित किया गया।
कलेक्टर से मुलाकात के दौरान महापौर और एमआईसी सदस्यों ने मांग की कि सामान्य सभा और एमआईसी में पारित प्रस्ताव की जानकारी तत्काल शासन तक पहुंचाई जाए और मामले में आवश्यक कार्रवाई की जाए। प्रतिनिधिमंडल ने निगम प्रशासन की कार्यप्रणाली और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी चर्चा की।
इस दौरान निगम सभापति गिरवर बंटी साहू के अलावा एमआईसी सदस्य सीजू एंथोनी, एकांश बंछोर, केशव चौबे, चंद्रशेखर गवई, साकेत चंद्राकर, रीता सिंह गेरा, नेहा साहू और लालचंद वर्मा मौजूद रहे।










