छत्तीसगढ़

महादेव पर सियासी घमासान: भूपेश बघेल ने केंद्र सरकार से पूछे कई बड़े सवाल, भाजपा पर लगाए संरक्षण के आरोप

संवाददाता: राजेश शर्मा

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रायपुर। महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ताजा कार्रवाई के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। EbixCash के चेयरमैन विकास गर्ग की गिरफ्तारी के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कई सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि महादेव ऐप प्रकरण में कुछ प्रभावशाली लोगों की भूमिका पर अब तक पर्दा पड़ा हुआ है।

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पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जारी अपने बयान में कहा कि गिरफ्तार विकास गर्ग की राजनीतिक पृष्ठभूमि को सार्वजनिक नहीं किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि विकास गर्ग भाजपा, दिल्ली के आर्थिक प्रकोष्ठ से जुड़े रहे हैं तथा वे पूर्व भाजपा विधायक नंद किशोर गर्ग के पुत्र हैं। बघेल के अनुसार, ईडी ने विकास गर्ग को 1,200 करोड़ रुपये से अधिक के संदिग्ध वित्तीय लेनदेन के मामले में गिरफ्तार किया है, जबकि उनसे जुड़ी 900 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां पूर्व में जब्त की जा चुकी हैं।

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भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप को लंबे समय तक राजनीतिक संरक्षण मिलता रहा। उन्होंने कहा कि कथित आर्थिक लेनदेन को लेकर मतभेद सामने आने के बाद ही जांच एजेंसियों की सक्रियता बढ़ी है। हालांकि, उन्होंने अपने दावों के समर्थन में कोई दस्तावेजी साक्ष्य सार्वजनिक नहीं किए हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि महादेव ऐप के खिलाफ सबसे पहले छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार ने निर्णायक कार्रवाई शुरू की थी। उनके मुताबिक, उस समय 72 एफआईआर दर्ज की गईं, 400 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, हजारों बैंक खातों को फ्रीज किया गया और बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए। उन्होंने यह भी दावा किया कि ऐप को गूगल प्ले स्टोर से हटाने और इसके संचालकों के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी करने के लिए केंद्र सरकार को पत्र भेजे गए थे।

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भूपेश बघेल ने केंद्र सरकार से सवाल करते हुए पूछा कि यदि महादेव ऐप के खिलाफ इतनी कार्रवाई हुई है तो यह अब तक पूरी तरह बंद क्यों नहीं हुआ? सोशल मीडिया पर इसके विज्ञापन कैसे प्रसारित हो रहे हैं? मामले से जुड़े अन्य प्रभावशाली नामों की जांच क्यों नहीं की जा रही है? साथ ही, उन्होंने विदेशों में बैठे कथित संचालकों को भारत वापस लाने की दिशा में हुई कार्रवाई पर भी सवाल उठाए।

दूसरी ओर, ईडी ने हाल ही में विकास गर्ग को दिल्ली से गिरफ्तार कर रायपुर लाया है। एजेंसी ने उन्हें विशेष पीएमएलए अदालत में पेश करते हुए 14 दिनों की रिमांड की मांग की है। ईडी का कहना है कि महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप से जुड़े कथित अवैध धन को विभिन्न कंपनियों के जरिए निवेश और लेयरिंग कर वैध बनाने का प्रयास किया गया।

महादेव ऐप मामले में एक बार फिर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस जहां इस मुद्दे को लेकर भाजपा और केंद्र सरकार को कटघरे में खड़ा कर रही है, वहीं भाजपा की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री के ताजा आरोपों पर फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में यह मामला आने वाले दिनों में प्रदेश की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन सकता है।

नोट: समाचार में उल्लिखित आरोप पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सार्वजनिक बयानों एवं सोशल मीडिया पोस्ट पर आधारित हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले की जांच ईडी द्वारा जारी है।