छत्तीसगढ़

विधानसभा के शून्यकाल में गूंजा बीएसपी लोहा चोरी का मामला

वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन ने केंद्रीय एजेंसियों से जांच की उठाई मांग, राष्ट्रीय संपत्ति की सुरक्षा का मुद्दा सदन में प्रमुखता से रखा

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भिलाई नगर, 17 जुलाई। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के पंचम एवं अंतिम दिवस शुक्रवार को शून्यकाल के दौरान वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन ने भिलाई स्टील प्लांट में पिछले चार दशकों से कथित रूप से जारी लोहा एवं स्क्रैप चोरी के मामले को प्रमुखता से उठाते हुए इसे राष्ट्रीय संपत्ति की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय बताया। उन्होंने सदन का ध्यान इस ओर आकृष्ट करते हुए कहा कि यह केवल चोरी का मामला नहीं, बल्कि देश की सार्वजनिक संपत्ति को निरंतर क्षति पहुंचाने वाला संगठित अपराध है, जिसकी निष्पक्ष एवं व्यापक जांच आवश्यक है।

मुकेश
Sarada


संगठित गिरोह की भूमिका की हो निष्पक्ष जांच

खाटू श्याम
Rungta


शून्यकाल में अपनी बात रखते हुए विधायक रिकेश सेन ने कहा कि वर्षों से एक संगठित गिरोह, प्लांट के कुछ अधिकारियों एवं सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े लोगों की कथित मिलीभगत से करोड़ों रुपये मूल्य का लोहा और स्क्रैप सुनियोजित तरीके से बाहर निकालता रहा है।


उन्होंने कहा कि अब तक सामने आए मामलों में अधिकांशतः क्रेन ऑपरेटर, ट्रक-ट्रेलर चालक अथवा निचले स्तर के कर्मचारियों तक ही कार्रवाई सीमित रही, जबकि पूरे नेटवर्क का संचालन करने वाले कथित सरगनाओं तक जांच और कानूनी कार्रवाई नहीं पहुंच सकी। इसी कारण ऐसी घटनाओं पर प्रभावी अंकुश नहीं लग पाया।

अलताब
शमशेर

राष्ट्रीय संपत्ति की सुरक्षा का प्रश्न


विधायक सेन ने सदन में कहा कि भिलाई स्टील प्लांट देश की महत्वपूर्ण औद्योगिक धरोहर है और वहां से होने वाली कथित चोरी राष्ट्रीय संपत्ति को प्रत्यक्ष नुकसान पहुंचाती है। उन्होंने मांग की कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर उन सभी लोगों की जवाबदेही तय की जाए जो प्रत्यक्ष अथवा परोक्ष रूप से इसमें संलिप्त रहे हों, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं पर प्रभावी रोक लग सके।

केंद्रीय एजेंसियों से जांच कराने की मांग

रिकेश सेन ने सदन में यह भी कहा कि मामले की गंभीरता और व्यापकता को देखते हुए इसकी जांच केंद्रीय एजेंसियों से कराई जानी चाहिए, जिससे पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सके और वास्तविक जिम्मेदार व्यक्तियों तक कानूनी कार्रवाई पहुंच सके। ऐसे मामलों में केवल निचले स्तर पर कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि पूरे तंत्र की निष्पक्ष जांच आवश्यक है।


विधानसभा की कार्यवाही में दर्ज हुआ मुद्दा

शून्यकाल के दौरान उठाए गए इस विषय को विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह सहित सदन ने गंभीरता से सुना। भिलाई स्टील प्लांट में कथित करोड़ों रुपये के लोहा चोरी का यह मामला विधानसभा की कार्यवाही में दर्ज हुआ, जिससे इस विषय को राज्य की सर्वोच्च लोकतांत्रिक संस्था में औपचारिक रूप से स्थान मिला।

पूर्व में भी विभिन्न संवैधानिक एवं जांच एजेंसियों को सौंप चुके हैं शिकायत


विधायक रिकेश सेन इस विषय को पहले भी विभिन्न स्तरों पर उठाते रहे हैं। उन्होंने प्रकरण से संबंधित शिकायतें सीबीआई, ईओडब्ल्यू, ईडी, एसीबी, प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ), प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तथा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को भेजकर विस्तृत जांच की मांग की है। उनका कहना है कि राष्ट्रीय संपत्ति की सुरक्षा और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

विधानसभा से लोकसभा तक पहुंचा मुद्दा

राज्य स्तर पर मामला उठने के बाद अब यह विषय राष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा में आने लगा है। भारत सरकार के स्टील मंत्रालय से संबंधित समिति में महासमुंद सांसद रूपकुमारी चौधरी ने भी भिलाई स्टील प्लांट में कथित लोहा चोरी का मुद्दा उठाया है। विधायक रिकेश सेन की पहल के बाद यह विषय अब सांसद के माध्यम से लोकसभा तक भी पहुंच रहा है, जिससे मामले की व्यापक जांच और राष्ट्रीय स्तर पर विचार की संभावना और मजबूत हुई है।