छत्तीसगढ़ की लोककला और पंडवानी गायन को वैश्विक पहचान दिलाने वाली पद्मविभूषण सम्मानित अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कलाकार तीजनबाई के निधन की अफवाह रविवार को सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गई। इंटरनेट मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर अचानक उनके निधन से जुड़े भ्रामक संदेश और श्रद्धांजलि पोस्ट वायरल होने लगे, जिससे उनके प्रशंसकों, शुभचिंतकों और सांस्कृतिक जगत में चिंता और भ्रम की स्थिति बन गई।
शाम होते-होते फेसबुक, व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया समूहों में तीजनबाई की तस्वीरों के साथ श्रद्धांजलि संदेश बड़ी संख्या में साझा किए जाने लगे। बिना किसी आधिकारिक पुष्टि के इन संदेशों के तेजी से प्रसारित होने से उनके गृहग्राम सहित देश-विदेश में फैले प्रशंसकों के बीच शोक का माहौल बन गया। लोग लगातार एक-दूसरे से संपर्क कर खबर की सच्चाई जानने का प्रयास करते रहे।
स्थिति तब स्पष्ट हुई जब तीजनबाई के परिजन और करीबी सहयोगी सामने आए और इन खबरों को पूरी तरह फर्जी एवं निराधार बताया। परिवारजनों ने स्पष्ट किया कि तीजनबाई पूरी तरह स्वस्थ हैं, सुरक्षित हैं और अपने निवास पर हैं। उनकी नातिन ने भी सोशल मीडिया स्टेटस के माध्यम से वायरल खबरों का खंडन करते हुए लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की।
परिजनों ने कहा कि बिना सत्यापन के इस प्रकार की झूठी खबरें फैलाना न केवल एक प्रतिष्ठित कलाकार की गरिमा को ठेस पहुंचाता है, बल्कि उनके चाहने वालों को भी मानसिक रूप से परेशान करता है। उन्होंने आमजन से आग्रह किया कि किसी भी संवेदनशील जानकारी को साझा करने से पहले उसकी सत्यता अवश्य जांच लें।
इस घटना ने एक बार फिर सोशल मीडिया पर फर्जी खबरों और अफवाहों के खतरे को उजागर किया है। तीजनबाई जैसी महान लोक कलाकार, जिन्होंने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाया, उनके संबंध में फैली इस झूठी खबर ने समाज को यह संदेश दिया है कि डिजिटल युग में सूचना साझा करते समय जिम्मेदारी और सतर्कता बेहद आवश्यक है।








