केंद्र और राज्य में भाजपा की सरकार फिर भी बीएसपी से करोड़ों का लौह स्क्रैप पार, संगठित गिरोह काम कर रहा : मुकेश चंद्राकर
कांग्रेस पर आरोप लगाने वाले विधायक रिकेश सेन का साथी ही गिरोह में शामिल, जगह-जगह पोस्टर गवाह
विधायक को सफेदपोश नेताओं की जानकारी तो उनका नाम क्यों नहीं बताते
भिलाई नगर। एशिया के सबसे बड़े स्टील प्लांट भिलाई इस्पात संयंत्र से ब्लू डस्ट के नाम पर करोड़ों की लौह स्क्रेप की चोरी का मामला अब तुल पकड़ चुका है। भिलाई शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर का कहना है कि भिलाई इस्पात संयंत्र केंद्र के अधीन है। वर्तमान में पिछले 12 वर्षों से केंद्र में भाजपा की सरकार है, वही राज्य में भी भाजपा की सरकार है। इससे पूर्व छत्तीसगढ़ प्रदेश में 15 वर्षों तक लगातार भाजपा राज कर चुकी है और अब भी कर रही है। ऐसे में भिलाई इस्पात संयंत्र से करोड़ों रुपए की स्क्रैप चोरी की भनक न लग पाना आश्चर्य पैदा करता है।
श्री चंद्राकर ने वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन के इस बयान को कि इन पैसों से कांग्रेस चुनाव जीतती है और भाजपा के प्रत्याशियों को हराती रही है हास्यास्पद बताया। उनका कहना था कि पिछले दो-तीन दशक पर नजर डालें तो केंद्र और राज्य दोनों जगह बीजेपी की सरकार है और खरीद फरोख्त में कौन माहिर है यह जग जाहिर है।
श्री चंद्राकर ने कहा कि आश्चर्यजनक तो यह कि समाचार पत्रों से जो जानकारी मिली है उसके अनुसार लौह स्क्रैप के परिवहन में जिन वाहनों का उपयोग किया गया है उसमें बीजेपी के एक पदाधिकारी की गाड़ी है। और इस पदाधिकारी का विधायक रिकेश सेन से घनिष्ठता सब जानते हैं। विधायक के साथ इस पदाधिकारी की फोटो कई जगहों पर लगी हुई है।
श्री चंद्राकर का कहना है कि वैशाली नगर के विधायक रिकेश सेन स्वयं पिछले दो दशक से राजनीति में है लेकिन बीएसपी में हो रहे इस करोड़ों की हेराफेरी की जानकारी उन्हें अचानक कुछ दिन पहले लगी। वे अपने बयान में जिन सफेदपोश नेताओं का जिक्र कर रहे हैं आखिरकार उनका नाम क्यों नहीं बताते। बीएससी से करोड़ों रुपए का स्क्रैप यदि रोज निकल रहा है तो यह एक दो लोगों का काम नहीं है इसमें एक पूरा संगठित गिरोह है। इस गिरोह में शासन प्रशासन के अधिकारी संयंत्र के अधिकारी राजनीतिक दल के लोग ट्रांसपोर्टर सहित अन्य लोग शामिल हैं।पुलिस प्रशासन ने जिन छूटभैया लोगों को पकड़ कर रखा है वह तो तालाब की मछलियां हैं असली मगरमच्छ तो अभी पर्दे के पीछे हैं जिसकी और विधायक इशारा कर रहे हैं। श्री चंद्राकर ने कहा कि विधायक को यदि इस पूरे कांड की जानकारी है तो वह खुलकर सामने क्यों नहीं आते और सबका नाम क्यों नहीं बताते या फिर इसके पीछे भी कोई राजनीतिक चाल है।
श्री चंद्राकर ने कहा कि लंबे समय से राज्य में भाजपा की सरकार, भाजपा का सांसद और विधायक होने के बावजूद करोड़ों की इस खरीद फरोख्त पर पर्दा पड़ा रहा। इतनी बड़ी मात्रा में लौह स्क्रैप निकालने के पीछे आखिर कौन लोग हैं। यह लौह स्क्रैप खरीद कौन रहा है, इसकी जांच होनी चाहिए। पुलिस प्रशासन यदि ईमानदारी से इस पूरे प्रकरण की जांच करें तो कई बड़े सफेदपोश चेहरे इस घोटाले की पीछे नजर आएंगे।











