भिलाई में अवैध शराब परिवहन को लेकर एसीबी की बड़ी छापेमारी: तीन वाहन जब्त
एसीबी की टीम ने कुम्हारी स्थित छग डिस्टलरीज प्राइवेट लिमिटेड से अवैध शराब परिवहन के मामले में तीन वाहनों को जब्त कर लिया है। एसीबी रायपुर शराब घोटाला प्रकरण की जांच कर रही है।
राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने कुम्हारी स्थित छग डिस्टलरीज प्राइवेट लिमिटेड से तीन वाहनों को जब्त किया है। यह कार्रवाई अवैध शराब परिवहन के एक बड़े मामले से जुड़ी है। एसीबी की टीम डिजिटल और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर इन वाहनों का उपयोग अवैध शराब (पार्ट बी) के लिए किए जाने की पुष्टि कर रही है।
राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो रायपुर शराब घोटाला प्रकरण में अपराध दर्ज कर विवेचना कर रहा है। इसी जांच के दौरान अवैध शराब के परिवहन में इस्तेमाल की गई गाड़ियों को जब्त किया जा रहा है। एसीबी की टीम ने 30 अप्रैल को वेलकम डिस्टलरी कोटा बिलासपुर और भाटिया वाइंस डिस्टलरी सरगांव मुंगेली से सोलह गाड़ियों को जब्त किया था।
सात अप्रैल 2026 को एसीबी टीम ने कुम्हारी स्थित छग डिस्टलरीज प्राइवेट लिमिटेड से तीन और वाहनों को जब्त किया है। यह जब्ती डिजिटल और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर की गई है। डिस्टलरी द्वारा जब्त किए गए इन वाहनों से सीधे चयनित शासकीय शराब दुकानों तक अवैध शराब पहुंचाई जाती थी।
एसीबी की जांच में यह भी सामने आया है कि डिस्टलरीज के मालिक अपने भरोसेमंद लोगों को ट्रांसपोर्टिंग का कार्य देते थे। वे छोटे ट्रांसपोर्टरों की गाड़ियों का उपयोग अवैध शराब (पार्ट बी) के लिए करते थे। यह एक संगठित तरीके से की जा रही धोखाधड़ी का हिस्सा है।
जांच के दौरान यह भी पता चला है कि जब्त किए गए तीन वाहनों के अलावा कुछ अन्य वाहनों का भी इस्तेमाल किया गया था। इन वाहनों को या तो स्क्रैप कर दिया गया है या फिर उन्हें अन्य उपयोग में लगाया जा रहा है। एसीबी इन वाहनों के मालिकों और उनके वर्तमान उपयोग के संबंध में गहन जांच कर रही है। यह जांच अवैध शराब के पूरे नेटवर्क का खुलासा करने में सहायक होगी।
एसीबी की यह बड़ी कार्रवाई शराब घोटाले में शामिल सभी दोषियों को बेनकाब करने के उद्देश्य से की जा रही है। ब्यूरो का लक्ष्य अवैध शराब के उत्पादन और वितरण में शामिल सभी कड़ियों को तोड़ना है। इस जांच से राज्य में अवैध शराब के कारोबार पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि भविष्य में ऐसी अनियमितताएं न हों।










