छत्तीसगढ़

पश्चिम बंगाल में चुनाव परिणामों के बाद हुई हिंसा में दो भाजपा और एक तृणमूल कार्यकर्ता की मौत हो गई। राज्य के कई हिस्सों में तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं भी सामने आईं।

बंगाल में चुनाव नतीजों के बाद भड़की हिंसा में मंगलवार को भाजपा के दो और तृणमूल कांग्रेस के एक कार्यकर्ता की अलग-अलग घटनाओं में मौत हो गई। न्यू टाउन इलाके में भाजपा कार्यकर्ता मधु मंडल की कथित तौर पर टीएमसी समर्थकों द्वारा पिटाई किए जाने के बाद मौत हो गई।

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बताया गया कि भाजपा के विजय जुलूस के दौरान बहस के बाद उस पर हमला हुआ। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद भाजपा समर्थकों ने इलाके में टीएमसी कार्यकर्ताओं के घरों पर हमला किया और सड़क जाम किया। हालात काबू में करने के लिए केंद्रीय बलों की तैनाती करनी पड़ी।

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टीएमसी ने भाजपा पर लगाया आरोप
वहीं, बीरभूम जिले के नानूर में टीएमसी कार्यकर्ता अबीर शेख की कथित तौर पर भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा हत्या कर दी गई। पुलिस के अनुसार, संतोषपुर गांव में विवाद के दौरान उस पर धारदार हथियार से हमला किया गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। एक अन्य व्यक्ति घायल हुआ है।

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टीएमसी के नानूर से निर्वाचित विधायक विधान माझी ने आरोप लगाया कि भाजपा के गुंडों ने इस हत्या को अंजाम दिया, जबकि भाजपा नेता श्यामापद मंडल ने आरोपों को खारिज करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। इसके अलावा, हावड़ा के उदय नारायणपुर में भी यादव बर नामक एक अन्य भाजपा कार्यकर्ता की मौत की घटना सामने आई है। उसकी पत्नी ने आरोप लगाया कि 'जय श्रीराम' के नारे लगाने और गुलाल खेलने के कारण उस पर हमला किया गया।

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कई हिस्सों में तोड़फोड़ और हिंसा की घटनाएं
इसके अलावा राज्य के कई हिस्सों में तोड़फोड़ और हिंसा की घटनाएं भी हुईं। टालीगंज के बिजयगढ़-नेताजी नगर इलाके में पूर्व मंत्री अरूप विश्वास के चुनाव कार्यालय में भीड़ ने तोड़फोड़ की। कस्बा के रूबी क्रासिंग पर टीएमसी पार्षद के दफ्तर में भी हमला किया गया। इसके अलावा हावड़ा, उत्तर 24 परगना, मुर्शिदाबाद समेत कई जिलों में पार्टी कार्यालयों में आगजनी और हमले की खबरें हैं, हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है।

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तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा पर सुनियोजित हिंसा का आरोप लगाया है, जबकि भाजपा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि यह टीएमसी के अंदरूनी गुटों की लड़ाई का नतीजा हो सकता है। निर्वाचन आयोग ने घटनाओं पर सख्त रुख अपनाते हुए स्थानीय पुलिस से रिपोर्ट तलब की है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया है।