भिलाई पब्लिक स्कूल
छत्तीसगढ़

कांग्रेस में ‘पावर गेम’ शुरू: भूपेश को घेरने की कोशिशों के बीच संगठनात्मक बदलाव की पटकथा तैयार

कांग्रेस संगठन में बड़े स्तर पर फेरबदल की चर्चाएं तेज हो गई हैं। पार्टी आलाकमान कई राज्यों में प्रभारी महासचिवों, सचिवों और प्रदेश अध्यक्षों की जिम्मेदारियों की समीक्षा कर रहा है। सूत्रों के मुताबिक आगामी चुनावी रणनीति, राज्यों में संगठन की स्थिति और नेताओं के प्रदर्शन के आधार पर करीब 24 से 26 सचिवों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया जा सकता है।

MGM School se 6
Bharti college
स्पर्स

सबसे अधिक चर्चा राजस्थान, छत्तीसगढ़ और पंजाब को लेकर है, जहां नए प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति की संभावना जताई जा रही है। वहीं, कई राज्यों में मौजूदा प्रभारियों को नई जिम्मेदारी दिए जाने अथवा उन्हें संगठनात्मक दायित्वों से मुक्त किए जाने की अटकलें हैं।

मुकेश
Sarada

राजस्थान के प्रभारी महासचिव सुखजिंदर सिंह रंधावा को पंजाब की राजनीति में सक्रिय भूमिका दिए जाने की चर्चा है। पंजाब में चुनावी गतिविधियां तेज होने के कारण पार्टी वहां संगठन को मजबूत करने के लिए अनुभवी नेताओं को मैदान में उतार सकती है। दूसरी ओर, पंजाब के प्रभारी रहे भूपेश बघेल की छत्तीसगढ़ वापसी की अटकलों ने राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है।

खाटू श्याम
Ad

इसी बीच, दिल्ली कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता द्वारा भूपेश बघेल के खिलाफ AICC स्तर पर शिकायतें और गंभीर आरोप उठाए जाने की चर्चाएं भी सामने आ रही हैं। बताया जा रहा है कि भूपेश की कार्यशैली और संगठनात्मक छवि को लेकर आलाकमान के समक्ष सवाल रखे गए हैं। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और न ही कांग्रेस नेतृत्व की ओर से कोई औपचारिक बयान सामने आया है।

Ad

राजनीतिक सूत्रों के अनुसार हरियाणा प्रभारी बी.के. हरिप्रसाद, महाराष्ट्र प्रभारी रमेश चेन्निथला, छत्तीसगढ़ प्रभारी सचिन पायलट, तमिलनाडु प्रभारी गिरीश चोडंकर और राजस्थान प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा के प्रभार में बदलाव हो सकता है। बी.के. हरिप्रसाद को कर्नाटक कांग्रेस में नई जिम्मेदारी मिलने के बाद हरियाणा के लिए नया प्रभारी तय किया जा सकता है।

सीजू एंथोनी
अलताब
शमशेर

महाराष्ट्र में भी बदलाव की चर्चा है, क्योंकि रमेश चेन्निथला के केरल सरकार में मंत्री बनने के बाद उनके पास संगठनात्मक जिम्मेदारी बनाए रखने की संभावना कम मानी जा रही है।

इसी तरह केरल कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सन्नी जोसेफ के मंत्री बनने के बाद प्रदेश संगठन में नए नेतृत्व की तलाश शुरू होने की बात कही जा रही है।

तमिलनाडु प्रभारी गिरीश चोडंकर को गोवा कांग्रेस की कमान मिलने के बाद तमिलनाडु के लिए भी नए प्रभारी की नियुक्ति की संभावना जताई जा रही है। असम, हरियाणा, महाराष्ट्र, केरल और तमिलनाडु में संगठन को नए सिरे से मजबूत करने के लिए पार्टी जल्द निर्णय ले सकती है।

कांग्रेस के इस संभावित फेरबदल को केवल प्रशासनिक बदलाव नहीं, बल्कि आगामी चुनावों से पहले संगठनात्मक शक्ति संतुलन की कवायद के रूप में देखा जा रहा है। भूपेश बघेल को लेकर उठ रहे सवालों और दिल्ली के नेता की सक्रियता ने इस पूरे घटनाक्रम को और अधिक राजनीतिक बना दिया है। अब निगाहें कांग्रेस आलाकमान के फैसले पर टिकी हैं कि वह संगठन में किसे नई जिम्मेदारी देता है और किन नेताओं की भूमिका सीमित होती है।