जानकारी के अनुसार, विभाग ने फरवरी माह में 30 तारीख को शामिल कर बिल और भुगतान जारी किए, जबकि कैलेंडर में फरवरी का महीना सामान्यत: 28 या लीप ईयर में 29 दिन का होता है।

बालोद जिले के महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत दांडी परियोजना में भ्रष्टाचार और मनमानी का गंभीर मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, विभाग ने फरवरी माह में 30 तारीख को शामिल कर बिल और भुगतान जारी किए, जबकि कैलेंडर में फरवरी का महीना सामान्यत: 28 या लीप ईयर में 29 दिन का होता है।

इस मामले में गंभीर पहलू यह भी है कि सामूहिक विवाह (मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना) में कम जोड़ों की संख्या अधिक दर्शाई गई और सीमेंट की दुकानों से श्रृंगार सामग्री की खरीदी भी की गई। मामला तब उजागर हुआ जब दांडी के एक व्यक्ति ने सूचना के अधिकार के तहत पूरी जानकारी मांगी।




जिला महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यक्रम अधिकारी समीर पांडे ने बताया कि दस्तावेजों की समीक्षा के बाद मामले की जांच करवाई जाएगी। जांच में यदि किसी भी प्रकार की त्रुटि, लापरवाही या भ्रष्टाचार पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

वहीं, यह भी सामने आया कि शासकीय खाते से पैसे निकालकर निजी खातों के माध्यम से ऑनलाइन भुगतान किया गया। विभाग का कहना है कि मामले की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।








































