दुर्ग जिले में दो दिनों के भीतर दो छात्रों ने अलग अलग स्थानों पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। एक छात्र के पास सुसाइड नोट मिला, जबकि दूसरे ने दोस्तों से अकेले रहने की बात कही थी। पुलिस दोनों मामलों में मर्ग कायम कर जांच कर रही है।
दुर्ग जिले में दो दिनों के भीतर अलग अलग थाना क्षेत्रों में दो छात्रों ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। दोनों मामलों में पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस छात्रों के परिजनों और दोस्तों से पूछताछ कर घटना के कारणों का पता लगाने में जुटी है।
पहला मामला शनिवार का है। भिलाई भट्टी थाना क्षेत्र में भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) के कर्मचारी के बेटे दीपांशु वर्मा (22) ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उसका शव बंद पड़े बीएसपी स्कूल परिसर में फंदे से लटका मिला। मौके से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ, जिसमें लिखा था, "मुझसे इतनी नफरत के लिए बहुत बहुत धन्यवाद। मेरे शरीर को दफनाया नहीं जाना चाहिए। मेरा दाह संस्कार किया जाए।
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। परिजनों के अनुसार, घर से निकलने से पहले दीपांशु ने अपनी मां से 100 रुपये मांगे थे। इसके बाद उसने रस्सी खरीदी और फांसी लगा ली। वह कल्याण कॉलेज का छात्र था।
दूसरा मामला रविवार का है। भिलाई नगर थाना क्षेत्र के सेक्टर 7 स्थित महाराणा प्रताप भवन छात्रावास में रहने वाले छात्र निखिल पौसार्य (19) ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या से पहले उसने अपने दोस्तों से कुछ समय अकेले रहने की बात कही थी।
निखिल मूल रूप से बालोद जिले का रहने वाला था। वह पढ़ाई के लिए भिलाई आया था और सेक्टर 6 स्थित साईं महाविद्यालय में बीएससी बायो का छात्र था। पिछले करीब एक वर्ष से वह महाराणा प्रताप भवन छात्रावास में रह रहा था। जब वह काफी देर तक कमरे से बाहर नहीं निकला तो अन्य छात्रों को संदेह हुआ। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और जांच शुरू कर दी।











