मुंबई पुलिस की कस्टडी से फरार हुए बांग्लादेशी नागरिक को दुर्ग में जीआरपी ने गिरफ्तार कर लिया है। बांग्लादेशी नागरिक अवैध रूप से बॉर्डर पारकर भारत में घुसा था और मुंबई में रह रहा था। जिसे पुलिस ने कुछ महीने पहले गिरफ्तार किया था। आरोपी पुलिस की कस्टडी से भागकर कोलकाता जाने के फिराक में था।

दुर्ग रेलवेस्टेशन में शालीमार-कुर्ला एक्सप्रेस में सफर कर रहे एक बांग्लादेशी नागरिक को जीआरपी पुलिस ने बिना वैध दस्तावेज के गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास पासपोर्ट, वीजा या भारत में रहने का कोई वैध दस्तावेज नहीं मिला। जानकारी के मुताबिक, मुंबई पुलिस से मिली गोपनीय सूचना के बाद दुर्ग जीआरपी ने कार्रवाई की। 7 नवंबर को मुंबई पुलिस से दुर्ग जीआरपी को सूचना मिली थी कि एक बांग्लादेशी नागरिक, जो मुंबई में दर्ज मामले का आरोपी है, शालीमार-कुर्ला एक्सप्रेस से कोलकाता जा रहा है।
वहां से वह बांग्लादेश भागने की फिराक में है। सूचना मिलते ही दुर्ग जीआरपी पुलिस ने तुरंत सतर्कता बरती और ट्रेन के दुर्ग स्टेशन पहुंचते ही प्लेटफॉर्म पर टीम तैनात कर दी।जैसे ही ट्रेन स्टेशन पहुंची, जीआरपी की टीम ने एस-1 कोच में दबिश दी। यहां से पुलिस ने संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसकी पहचान अजमीर शेख, निवासी बांग्लादेश के रूप में हुई। जीआरपी थाना प्रभारी राजेंद्र सिंह ने बताया कि आरोपी ने ट्रेन का जनरल टिकट खरीदा था, बाद में टीटी से बात कर स्लीपर कोच (एस-1) में अपनी सीट बनवा ली थी।



इस तरह पहुंचा था भारत
पुलिस पूछताछ में अजमीर ने बताया कि करीब 11 महीने पहले वह बांग्लादेश से अवैध रूप से भोमरा बार्डर पार कर भारत में दाखिल हुआ था। वह सिलिगुड़ी से हावड़ा होते हुए मुंबई पहुंचा और वहां बांस का काम करने लगा। जिस व्यक्ति के साथ वह काम करता था, उसी ने पुलिस को सूचना दी। जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर आठ महीने तक जेल में रखा गया। तीन दिन पहले उसे पुलिस ने कुछ जानकारी लेने चौकी लाया था, इस दौरान ही वह कस्टडी से फरार हो गया।


बार्डर पार कराने वाले दलाल का जिक्र
अजमीर ने पुलिस को बताया कि बार्डर पार कराने के लिए उसने एक दलाल को पांच हजार रुपये दिए थे। मुंबई में वह किराए के कमरे में तीन हजार रुपये प्रतिमाह पर रहता था और बांस का काम कर सात से आठ सौ रुपये रोजाना कमाता था। पुलिस का कहना है कि अजमीर शेख की गतिविधियों को देखते हुए आशंका है कि उसके अन्य साथी भी भारत में सक्रिय हो सकते हैं।
आरोपी को हिरासत में रखकर पूछताछ की जा रही है। मुंबई पुलिस की टीम दुर्ग के लिए रवाना हो चुकी है। आरोपी के सरेंडर के लिए जीआरपी और आरपीएफ इंतजार कर रही है। पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है कि, बांग्लादेशी नागरिक मुंबई से भागकर बंगाल क्यों जा रहा था और उसके तार कहां-कहां जुड़े हो सकते हैं।















