जेवरा सिरसा चौकी पुलिस और खाद्य एवं सुरक्षा विभाग ने संयुक्त कार्रवाई की है। उन्होंने कंचादूर स्थित एक गोदाम में अवैध गुटका कारखाना पकड़ा है। मौके से बड़ी मात्रा में कच्चा माल और मशीनें बरामद हुई हैं।
खाद्य एवं सुरक्षा विभाग ने अवैध गुटके का नमूना लिया। यह नमूना जांच के लिए रायपुर भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। यह अवैध कारखाना वॉशिंग पाउडर बनाने की आड़ में चल रहा था।
विभाग को सूचना मिलने पर पुलिस को मौके पर बुलाया गया। बंद गोदाम को खुलवाकर अंदर जांच की गई। मशीनें, सुपारी, बुरादा और मेंथॉल जब्त किए गए। जब्त सामग्रियों की कीमत लाखों रुपये में आंकी गई है। गोदाम मालिक मुस्तफ ने शानू और वीरेंद्र तिवारी के फरार होने की सूचना दी। पुलिस ने गोदाम का ताला तोड़कर जांच की और दूसरा ताला लगाया। सीसीटीवी का डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर भी जब्त किया गया।
बड़ी मात्रा में सामग्री और मिक्सिंग मशीन जब्त
खाद्य एवं सुरक्षा अधिकारी जितेंद्र नेले ने बताया। गोदाम में अवैध गुटका का कच्चा माल तैयार किया जा रहा था। यहां से बड़ी मात्रा में सामग्री और मिक्सिंग मशीन मिली है। विभाग नमूने लेकर जांच में जुट गया है
किराए पर अवैध कारोबार
दुर्ग पुलिस अधीक्षक हर्षित मेहर ने जानकारी दी। गोदाम मुस्तफ नाम के व्यक्ति का है। उसने इसे शानू और वीरेंद्र तिवारी को किराए पर दिया था। उन्होंने वॉशिंग पाउडर बनाने के लिए गोदाम लिया था। इसी की आड़ में वे अवैध गुटका बना रहे थे। पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है।
पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में गुटखा और उसके निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री जप्त की है। पूरा मामला जेवरा सिरसा चौकी क्षेत्र के कचांदुर गांव का है, जहां डिटर्जेंट पाउडर बनाने के नाम पर एक गोदाम किराए पर लेकर अवैध रूप से जर्दा युक्त गुटखा तैयार और पैकेजिंग का काम किया जा रहा था। दरअसल सुपेला का रहने वाला मोहम्मद मुस्तफा के गोदाम को उत्तर प्रदेश उन्नाव के रहने वाले मोहम्मद शान ने करीब 20 दिन पहले किराए पर लिया था। गोदाम लेने के दौरान उसने डिटर्जेंट पाउडर निर्माण का काम करने की जानकारी दी थी, लेकिन कई दिनों तक उसका गोदाम मालिक से कोई संपर्क नहीं हुआ। किराएदार का मोबाइल फोन लगातार बंद रहने से गोदाम मालिक को संदेह हुआ, जिस पर उसने जेवरा सिरसा चौकी पुलिस को इसकी सूचना दी।








