दुर्ग जिला हॉस्पिटल में गलत इंजेक्शन लगाने के बाद युवक की मौत, परिजनों ने जमकर किया हंगामा

दुर्ग के सिद्धार्थ नगर निवासी 24 वर्षीय प्रभाष सूर्या ने चूहे मारने वाली दवा खा ली थी जिसके इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के बाद उसे आज डिस्चार्ज किया जाना था। डिस्चार्ज से ठीक पहले नर्स ने उल्टी कराने के लिए इंजेक्शन लगाया, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई और वह खून की उल्टी करने लगा। थोड़ी देर बाद उसकी मौत हो गई।

मौत की खबर सुनते ही परिजनों ने अस्पताल का घेराव कर हंगामा किया। परिजनों ने डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया कि गलत इंजेक्शन और उचित इलाज न मिलने के कारण युवक की जान गई। प्रभाष के भाई निखिल सूर्या ने कहा कि यदि समय पर सही इलाज मिलता तो जान बचाई जा सकती थी। इसी बीच लगातार ऐसी घटनाओं से आक्रोशित अस्पताल के कर्मचारी सुरक्षा बढ़ाने और स्टॉपेज बढ़ाने की मांग लेकर काम बंद कर प्रदर्शन पर आ गए।

हंगामा करने वालों के खिलाफ थाने में शिकायत की जा रही है। इलाज में बाधा के कारण अन्य मरीजों को भी काफी परेशानी हुई। अस्पताल प्रशासन ने मामले की जांच शुरू करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया है। पुलिस ने तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए सुरक्षा बढ़ा दी है। कर्मचारी सुरक्षा व स्टॉपेज न मिलने तक काम पर लौटने से इनकार कर रहे हैं।

अरुण वोरा ने भी परिजन की बात सुनी

युवक की मौत की खबर सुनकर अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा हुआ. मृतक के छोटे भाई निखिल सूर्या ने आरोप लगाया कि यदि समय पर सही इलाज दिया जाता तो शायद जान बचाई जा सकती थी. तनाव बढ़ता देख अस्पताल का स्टाफ कामकाज बंद कर मौके पर खड़ा हो गया. हंगामे की सूचना पर दुर्ग के पूर्व विधायक अरुण वोरा भी अस्पताल पहुंचे और परिजनों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया।

इस बीच अस्पताल में इलाज कराने आए अन्य मरीजों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी. मरीज विक्रम सिंह राजपूत ने बताया कि वह घंटों से ओपीडी में पर्ची के लिए लाइन में लगे थे, लेकिन स्टाफ कामकाज रोककर चला गया, जिससे अन्य मरीजों को भी नुकसान हुआ. अस्पताल प्रशासन ने मामले की जांच शुरू करने की बात कही है और दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है. वहीं पुलिस ने अस्पताल में सुरक्षा बढ़ा दी है ताकि स्थिति नियंत्रण में रहे।