सेंट थॉमस महाविद्यालय, भिलाई में हिंदी दिवस एवं छत्तीसगढ़ रजत जयंती उत्सव का आयोजन सम्पन्न

सेंट थॉमस महाविद्यालय, भिलाई में हिंदी दिवस एवं छत्तीसगढ़ रजत जयंती उत्सव का आयोजन

सेंट थॉमस महाविद्यालय भिलाई के हिंदी विभाग ने 15 सितंबर,2025 को हिंदी दिवस एवं छत्तीसगढ़ रजत जयंती कार्यक्रम का आयोजन किया | इस आयोजन की शुरुआत महाविद्यालय की प्रार्थना से की गयी | तत पश्चात मुख्य अतिथि का स्वागत पुष्प गुच्छ के माध्यम से किया गया | सभी का स्वागत एवं मुख्य अतिथि का परिचय कैप्टन (डॉ.) सुरेखा जवादे हिंदी विभागाध्यक्ष द्वारा प्रस्तुत किया गया |

इस कार्यक्रम का मुख्य विषय “वर्तमान समय में राजभाषा हिंदी के समक्ष चुनौतियाँ” इस विषय पर अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया | इसमें मुख्य वक्ता के रूप में डॉ.अम्बरीश त्रिपाठी सहायक प्राध्यापक शासकीय वि वाई टी पी जी स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय,दुर्ग रहे | मुख्य अतिथि ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रसिद्ध भाषा वैज्ञानिको का विवरण प्रस्तुत किया, जिन्होंने भारतीय भाषाओं के संरक्षण और संवर्धन में सराहनीय कार्य किए हैं । उन्होंने कहा कि भाषा का सीधा संबंध हमारे जीवन-यापन से है ।

भाषा पर अधिकार प्राप्त करके हम न केवल अपने विचारों को व्यक्त कर सकते हैं, बल्कि अपनी मनुष्यता को भी जीवित रख सकते हैं ।अतिथि वक्ता ने छत्तीसगढ़ रजत जयंती के विषय में कहा कि छत्तीसगढ़ एक उन्नति, विकास और आत्मनिर्भरता की राह पर बढ़ता हुआ राज्य है । हमें अपने प्रदेश को जानना, समझना और उसकी विशेषताओं को देखना चाहिए। जब हम अपने राज्य की संस्कृति, संसाधन और संभावनाओं को समझते हैं, तो हम अपने जीवन के विकास की दिशा भी तय कर सकते हैं । उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति में विशिष्ट कलाएं और क्षमताएं निहित होती हैं । हमें अपनी रुचि के अनुसार कार्य करना चाहिए, क्योंकि जब हम अपने मनपसंद कार्य को करते हैं, तो हमारी यात्रा खूबसूरत और यादगार बन जाती है | इस अवसर पर महाविद्यालय के प्रशासक फादर डॉ. पी. एस. वर्गीस एवं अधिष्ठाता एवं मनोविज्ञान विभागध्यक्ष डॉ.देबजानी मुखर्जी ने इस कार्यक्रम की प्रशंसा एवं सराहना की | महाविद्यालय की प्राचार्य ने अपने उद्बोधन में कहा कि हिंदी हमारी मातृभाषा ही नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, परंपरा और राष्ट्रीय एकता का आधार है । यह भाषा हमारे विचारों को अभिव्यक्त करने का सबसे सहज और सरल माध्यम है । हिंदी का महत्व इस तथ्य से भी समझा जा सकता है कि यह न केवल भारत में, बल्कि विश्व के कई देशों में बोली और समझी जाती है । यह भाषा विभिन्न क्षेत्रों और समुदायों को जोड़ने का काम करती है और राष्ट्रीय एकता को सशक्त बनाती है महाविद्यालय में आयोजित हिंदी दिवस एवं छत्तीसगढ़ रजत जयंती कार्यक्रम में , डॉ.रूपा श्रीवास्तव सहायक प्राध्यापक ने कार्यक्रम का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन लेफ्टिनेंट संतोष यादव सहायक प्राध्यापक द्वारा किया गया | इस अवसर पर डॉ. सपना शर्मा वाणिज्य विभागाध्यक्ष , डॉ. रीमा देवांगन सहायक प्राध्यापक, एवं अन्य प्राध्यापकगण तथा छात्र-छात्राएं इस आयोजन में उपस्थित रहे |